नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सवर्ण के बीच भी गरीब लोगों की स्थिति अच्छी नहीं है। इस सरकार में रक्षा सौदों पर सवाल उठे हैं। वे फिर से सत्ता प्राप्त करने के किये तमाम हथकंडे अपना रहे हैं।लोकलुभावन घोषणाओं के फेर नहीं फंसना है। हमारी पार्टी कोई घोषणापत्र जारी नहीं करती है, क्योंकि हम बोलने में कम, काम करने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। केंद्र में हमारी सरकार बनाने का मौका मिलता है तो छह हजार महीना देने की बजाय सरकारी क्षेत्र में नौकरी देने पर काम करेगी।साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा को केंद्र में आने से रोकना है। दिल्ली में उप्र, बिहार और हरियाणा के लोग अधिक हैं। जिस प्रकार उप्र में बसपा को समर्थन मिलता है, वैसे ही यहां भी मिलना चाहिए। उप्र में भाजपा और कांग्रेस की हालत खराब है। वहां सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया, लेकिन परिवर्तन की लहर है। इनके अच्छे दिन जा चुके हैं।यहां नरेंद्र मोदी की रैली हुई, लेकिन उनका चेहरा बिल्कुल लटक गया है इसलिए जब उप्र में परिवर्तन की लहर है तो उसे दिल्ली में भी लाना है। अपना वोट बसपा को ही देना है। दिल्ली की सभी समस्याओं को खत्म किया जाएगा। कमजोर तबके का पूरा ख्याल रखा जाएगा। यहां से बसपा के सभी प्रत्याशियों को जिताना है।इससे पहले बृहस्पतिवार को मायावती ने कुरुक्षेत्र व पानीपत में चुनावी रैलियों को संबोधित किया था। इस दौरान मायावती ने रैली मेंं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्ना सेठाें की चौकीदारी कर रहे हैं। मायावती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी लागू करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्यों में भी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में आरक्षण नहींं दिया है। आरक्षण का लाभ धन्ना सेठ लेे रहे हैं।पानीपत में मायावती ने कहा था कि भाजपाई जब वोट मांगने आए तो उनसे पांच साल पहले किए चुनावी वादे का हिसाब मांगो। हम जानते हैं वो हिसाब नहीं देंगे। आप सब किसी तरह उनके बहकावे में न आओ। बसपा व लोसुपा गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देकर विजयी बनाओ।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: JP Yadav
Source: Dainik Jagran May 10, 2019 08:17 UTC