सुप्रीम कोर्ट ने इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना है। यह प्लेट एल्युमिनियम की बनी हुई है और इस पर एक होलोग्राम है। होलोग्राम पर वाहन का इंजन और चेसिस नंबर इंगित होता है और यह जल्दी नष्ट नहीं हो सकता है।नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली परिवहन विभाग ने राजधानी में बगैर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) व रंगीन स्टीकर वाले वाहनों के खिलाफ चालान काटने का अभियान फिलहाल बंद कर दिया है। जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। अनेक वाहन मालिक अब तक अपने वाहनों की नंबर प्लेट में बदलाव नहीं करा सके थे और विभाग की सख्ती से उन्हें परेशानी हो रही थी। अब उन्हें कुछ समय मिल गया है। इसका लाभ उठाते हुए सभी वाहन मालिकों को जल्द से जल्द वाहनों में एचएसआरपी व रंगीन स्टीकर लगाने के लिए आगे आना चाहिए।ऐसे करें HSRP के लिए करें आवेदनहाई सिक्युरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए आवेदन करने के लिए https://bookmyhsrp.com/Index.aspx पर जाना होगा। यहां पर मांगी गई जानकारी के आधार पर आपको वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, वाहन मालिक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, व्हीकल क्लास, व्हीकल टाइप और फ्यूल संबंधित जानकारी मुहैया करानी होगी। इसके बाद आवेदन की कड़ी में उपभोक्ता को अपना एरिया पिन कोड डालना होगा, जिससे करीबी कार एजंसियों की डीटेल्स सामने आएंगी। इसके बाद सुविधा के अनुसार हाई सिक्युरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के लिए समय और तारीख चुन सकता है। इसके बाद उपभोक्ता को तय समय और तारीख पर जरूरी दस्तावेज लेकर जाना होगा और वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा दी जाएगी।यहां पर बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना है। यह प्लेट एल्युमिनियम की बनी हुई है और इस पर एक होलोग्राम है। होलोग्राम पर वाहन का इंजन और चेसिस नंबर इंगित होता है और यह जल्दी नष्ट नहीं हो सकता है। इस नंबर प्लेट पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी है, जिसे आसानी से हटाया या मिटाया नहीं जा सकता है। इससे वाहन चोरी होने पर बरामद करने में आसानी होगी। वाहन के दुरुपयोग को भी रोका जा सकेगा।गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इसे 2012 से पहले के पंजीकृत सभी वाहनों में लगाया जाना है। इस प्रक्रिया को लागू करने में लोगों को परेशानी नहीं हो दिल्ली सरकार इसका ध्यान रख रही है। पहले इसके लिए मात्र 150 केंद्र थे। अब केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 658 कर दी गई है। होम डिलीवरी की भी सुविधा दी गई है और इसके लिए बहुत ज्यादा शुल्क भी नहीं रखा गया है। लोगों की शिकायतें सुनने के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि चालान काटने का अभियान सीमित स्तर पर था और इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था। वाहन मालिकों को भी इस योजना को लागू करने में अपना सहयोग देना चाहिए। इससे उनके वाहन तो सुरक्षित रहेंगे ही, साथ ही अपराध रोकने में भी मदद मिलेगी।Coronavirus: निश्चिंत रहें पूरी तरह सुरक्षित है आपका अखबार, पढ़ें- विशेषज्ञों की राय व देखें- वीडियोडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran December 26, 2020 06:22 UTC