उनके नाम के आगे लगा था रापड़िया.. जिसका उच्चारण करने में लोगों को दिक्कत होती थी. रापड़िया उनके गोत्र का नाम था, जिसे सरल बनाने के लिए उन्होंने रवीश कर दिया था. उन्होंने बताया कि हरियाणा के कैथल जिले में बाड़ुखाप के नौ-दस गांव हैं, जहां रापड़िया गोत्र के लोग रहते हैं और उनमें से अधिकांश अपने नाम के आगे अब रवीश लगाते हैं. उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि किसानों की भावनाओं और समस्याओं को समझते हुए आंदोलन में पहल करें और कानून वापस लें. रवीश ने कहा कि किसान ख्तों में ही ठीक लगता है सड़क पर आंदोलन करता हुआ नहीं.
Source: NDTV February 06, 2021 08:31 UTC