Hindi NewsBusiness80 Chinese Companies Are 'active' In The India, 92 Companies Had Established Business In The CountryAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपड्रैगन का बिजनेस: वित्त मंत्री ने कहा, देश में चीन की कुल 80 कंपनियां एक्टिव हैं, 92 कंपनियों ने जमाया था भारत में बिजनेस2 दिन पहलेकॉपी लिंकFM ने कहा, सरकार ने भारतीय कंपनियों के लिए ऐसी कोई सलाह नहीं जारी की है जिसमें चीन से होने वाले निवेश से परहेज करने के लिए कहा गया होDPIIT ने FDI पॉलिसी में बदलाव करके उन देशों की कंपनियों या निवेशकों के FDI के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी बनाया है, जिनकी सरहद भारत से मिलती हैदेश में इस समय चीन की लगभग 80 कंपनियां एक्टिव हैं, यह बात फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बताई है। सीतारमण ने राज्यसभा में कहा है कि कुल 92 चीनी कंपनियों ने रिजर्व बैंक की इजाजत लेकर भारत में बिजनेस जमाया था।वित्त मंत्री के मुताबिक, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 के तहत इजाजत लेकर भारत में बिजनेस जमाने वाली चीनी कंपनियों में 80 का स्टेटस एक्टिव हैं। जहां तक चीनी निवेशकों की तरफ से इंडियन कंपनियों में हुए हुए निवेश की बात है तो उनमें ऐसे 2,474 इनवेस्टमेंट हुए हैं।‘भारतीय कंपनियों को चीनी निवेश से परहेज करने की सलाह नहीं’वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने भारतीय कंपनियों के लिए ऐसी कोई सलाह नहीं जारी की है जिसमें चीन से होने वाले निवेश से परहेज करने के लिए कहा गया हो। हालांकि, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने FDI पॉलिसी में ऐसा बदलाव जरूर किया है जिसके मुताबिक, जिन देशों की सरहद भारत से मिलती हैं, उनके यहां की कंपनियों या निवेशकों के FDI के लिए सरकारी इजाजत जरूरी हो गया है।कोविड-19 फैलने के बाद हुई थी चीन के FDI की स्क्रूटनी में बढ़ोतरीवित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक ने एक रूल में संशोधन के जरिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके मुताबिक चीन से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट के लिए सरकारी अप्रूवल जरूरी बना दिया गया है। चीन से आने वाले निवेश और इंपोर्ट को लेकर भारत का रुख पिछले साल सीमा पर दोनों देशों के बीच हुई तनातनी के बाद सख्त हुआ है। उसके एफडीआई की स्क्रूटनी में बढ़ोतरी लद्दाख में हुई तनातनी से पहले और कोविड-19 फैलने के बाद हुई थी।चीन से ऑटोमैटिक FDI रूट से आने वाले निवेश की भी स्क्रूटनी होती हैहाल में कुछ ऐसी खबरें आई थी कि बी2बी ईकॉमर्स स्टार्टअप उड़ान को चाइनीज इनवेस्टर टेनसेंट से मिलने वाले निवेश की कड़ी जांच हो सकती है। उड़ान के सूत्रों ने बताया था कि टेनसेंट का निवेश इतना बड़ा नहीं है कि उसके लिए पहले से सरकार की मंजूरी ली जाए लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी देशों से होने वाले निवेश की हर हाल में स्क्रूटनी होती है, भले ही वह ऑटोमैटिक एफडीआई रूट से आ रहा हो। उड़ान के मामले में अहम बात यह है कि इसकी पेरेंट कंपनी ट्रस्टरूट इंटरनेट सिंगापुर में रजिस्टर्ड है।12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रपोजल सरकार के पास पड़े हैंहाल की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की कंपनियों की तरफ से 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के इनवेस्टमेंट प्रपोजल सरकार के पास पड़े हुए हैं। आधिकरियों का कहना है कि निवेश के प्रस्तावों में कोई नई कंपनी के लिए नहीं है, सिर्फ पहले के निवेश को बढ़ाया जा रहा है।
Source: Dainik Bhaskar February 10, 2021 10:03 UTC