डोकलाम विवाद के दौरान चीन के सैनिकों पर पी-8आइ विमान से नजर रख रहा था भारतनई दिल्ली, पीटीआइ। पूर्वोत्तर के क्षेत्र डोकलाम में 73 दिनों तक चले विवाद के दौरान भारत नौसेना के पनडुब्बी-रोधी लड़ाकू विमान पी-8आइ से चीन के सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने इस लड़ाकू विमान की तैनाती की पुष्टि की। उन्होने कहा, 'डोकलाम विवाद के दौरान भारतीय नौसेना के पी-8आइ विमान को तैनात किया गया था।' पिछले साल पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भी पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पी-8आइ विमान को निगरानी के काम में लगाया गया था।2017 में आमने सामने आ गए थे भारत-चीनभूटान के पठारी इलाके डोकलाम में 16 जून, 2017 को भारत और चीन के जवान आमने-सामने आ गए थे। दरअसल, चीन डोकलाम को अपना हिस्सा बताता है और उसने पर उस पर कब्जा भी कर रखा है। चीनी सेना ने वहां सड़क बनाने का काम शुरू किया था, जिसे भारतीय सेना ने रुकवा दिया था। इसी के बाद डोकलाम में विवाद पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर 10 दौर की बातचीत में यह मामला सुलझा था और 28 अगस्त 2017 को दोनों ही पक्ष ने डोकलाम से अपनी सेनाएं हटा ली थी।समुद्री व पहाड़ी क्षेत्रों पर रखता है सटीक नजररक्षा विशेषज्ञ कैप्टन डीके शर्मा (रिटायर्ड) का कहना है कि समुद्र हो या पहाड़ी क्षेत्र निगरानी रखने के लिए पी-8आइ विमान सबसे भरोसेमंद है। डोकलाम विवाद के दौरान भी इससे जो डाटा मिले थे, उससे आगे की रणनीति तय करने और फैसला लेने में मदद मिली थी। शर्मा ने कहा कि पी-8आइ की तैनाती मुश्किल हालात में सेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है।भारत के पास आठ पी-8आइ विमानपी-8आइ बोइंग की अगली पीढ़ी के विमान 737 पर आधारित है। यह अमेरिकी नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पी-8ए श्रेणी का विमान है। बोइंग से यह विमान खरीदने वाला भारत पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक था। भारतीय नौसेना में इस टोही विमान को 2013 में शामिल किया गया। नौसेना के पास अभी आठ पी-8आइ विमान है। 2016 में रक्षा मंत्रालय ने और चार पी-8आइ विमानों का ऑर्डर दिया था, जो इस साल अप्रैल से मिलने शुरू हो जाएंगे। पिछले साल भी अतिरिक्त छह पी-8आइ विमानों के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई थी।Posted By: Krishna Bihari Singhडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran February 17, 2020 16:07 UTC