डेढ़ लाख किसानों की फसल बीमा राशि अटकीखंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के करीब डेढ़ लाख किसान सरकार की ओर से मिलने वाली फसल बीमा राशि की आस लगाकर बैठे हैं। बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाकर आवेदन-निवेदन करने के बावजूद दो साल बीतने पर भी किसानों के खातों में फसल बीमा की राशि नहीं आई है। ऐसे में किसानों का विश्वास फसल बीमा योजना से उठता जा रहा है।वर्ष 2020 में अतिवृष्टि के चलते जिले के किसानों को नुकसानी का सामना करना पड़ा था। खेतों में कहीं सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी तो कहीं प्याज और कपास सहित मिर्च को भी नुकसान पहुंचा था। ऐसे किसान जिन्होंने सरकारी योजना के तहत फसलों का बीमा कराया था, उन्हें उम्मीद थी कि नष्ट हुई फसलों का सर्वे होने के बाद उन्हें बीमा राशि मिल जाएगी लेकिन इन किसानों को आज तक बीमा राशि नहीं मिल सकी है। फसलों की बर्बादी के समय जिला प्रशासन के निर्देश पर गांव-गांव में सर्वे तो हुआ लेकिन इस सर्वे का कोई फायदा किसानों को नहीं मिल सका। ग्राम पुनासा के किसान राधेश्याम चाचरिया ने बताया कि उन्होंने फसल बीमा कराया था। खेत में लगी कपास की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली। पुनासा के ही किसान हरे सिंह डोडे का कहना है कि उन्होंने मिर्च की फसल का बीमा कराया था, सर्वे तो हुआ लेकिन बीमा राशि का इंतजार दो साल से है। ग्राम पोखरकला के किसान सुंदर पटेल को प्याज की फसल और बावड़िया काजी के किसान प्रेमलाल पटेल को सोयाबीन की नष्ट हुई फसल पर बीमा योजना का लाभ नहीं मिला। भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक सुभाष पटेल का कहना है कि वर्ष 2020 की बीमा राशि के लिए कई बार शासन प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार तक ज्ञापन सौंपकर मांग उठा चुके हैं लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। किसानों का विश्वास फसल बीमा योजना से उठ रहा है। फसल बर्बादी के बाद समय पर किसान को योजना का लाभ नहीं मिल सके तो फिर बीमा कराने से क्या फायदा।Posted By: Nai Dunia News Network
Source: Dainik Jagran January 12, 2022 19:06 UTC