बच्चों की आंखों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।-यदि कम उम्र में नेत्र रोगों की पहचान नहीं की गई, तो इसके परिणाम स्थायी हो सकते हैं। इसलिए अभिभावकों को सतर्क रहते हुए समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। यह बात स्वास्थ्य संचालक डॉ. नितीन अंबाडेकर ने ठाणे सिविल अस्पताल में शुरू किए गए 'बाल नेत्र चिकित्सा कक्ष' के उद्घाटन अवसर पर कही।
Source: Dainik Bhaskar March 23, 2026 05:56 UTC