टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों से मिलेगी निजात, पेट्रोल पंपों पर मिलेगा फास्टैग - News Summed Up

टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों से मिलेगी निजात, पेट्रोल पंपों पर मिलेगा फास्टैग


जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। टोल अदायगी के मकसद से वाहन में लगाए जाने वाले आरएफआइडी फास्टैग अब पेट्रोल पंपों पर मिलेंगे। इसके लिए एनएचएआइ ने सरकारी तेल कंपनियों के साथ समझौता किया है।यह समझौता एनएचएआइ की कंपनी इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आइएचएमसीएल) और इंडियन ऑयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन के बीच हुआ है। इसके तहत आइएचएमसीएल के फास्टैग इन तीनों कंपनियों के देश भर में फैले पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होंगे। इसकी शुरुआत दिल्ली-एनसीआर से हो रही है, जहां तीनों कंपनियों के पचास पेट्रोल पंपों से फास्टैग की खरीदारी की जा सकती है।दिल्ली-एनसीआर के पचास पेट्रोल पंपों पर होगी फास्टैग की बिक्रीआइएचएमसीएल ने राष्ट्रीय राष्ट्रीय इलेक्ट्रोनिक टोल कलेक्शन प्रोग्राम (एनईटीसी) के कार्यान्वयन के साथ-साथ रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन तकनीक पर आधारित टैग 'फास्टैग' की बिक्री और प्रबंधन का कार्य अप्रैल, 2016 से प्रारंभ किया था। प्रोग्राम को जबरदस्त कामयाबी मिली है और अब तक राष्ट्रीय राजमार्गो के 450 टोल प्लाजाओं के अलावा चुनिंदा प्रादेशिक राजमार्गो पर इलेक्ट्रोनिक टोल संग्रह की शुरुआत हो चुकी है।एनईटीसी के तहत फिलहाल फास्टैग की बिक्री प्रमाणित बैंकों द्वारा चुनिंदा टोल प्लाजाओं और बैंक शाखाओं के अलावा ऑनलाइन तरीके से होती है। हाल में सरकार ने फास्टैग को जीएसटी से जोड़ना शुरू किया है। इससे फास्टैग की बिक्री के और चैनल खोले जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। पेट्रोल पंपों पर फास्टैग की बिक्री से इस जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा।लेकिन फास्टैग की बिक्री का और विस्तार करने के लिए आइएमएचसीएल ने कुछ और उपाय किए हैं। इनमें मोबाइल एप्लीकेशन का विकास शामिल हैं। इसके लिए 'माइफास्टैग' तथा 'आइएचएमसीएलपीओएस' नाम से दो एप्लीकेशन पिछले दिनो लांच किए गए हैं। ये एप्लीकेशन ग्राहकों को अपने फास्टैग पसंदीदा बैंक खाते से लिंक करने तथा फास्टैग को यूपीआइ प्लेटफार्म के जरिए रीचार्ज करने में सहूलियत प्रदान करेंगे।इसी के साथ कंपनी वन नेशन-वन टैग मिशन के तहत फास्टैग को पूरे देश में लागू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए विभिन्न राज्य प्राधिकरणों/ एचपीवी के साथ आवश्यक तालमेल बिठाया जा रहा है। ताकि लोग राज्यों/नगर निगमों के प्लाजाओं पर भी फास्टैग के जरिए ही टोल की अदायगी करना पसंद करें। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा हैदराबाद को पहले ही स्कीम में शामिल किया जा चुका है। जबकि बाकी राज्यों/एजेंसियों के साथ इस सिलसिले में बातचीत चल रही है।Posted By: Bhupendra Singh


Source: Dainik Jagran January 06, 2019 16:07 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */