साॅफ्टवेयर आईआईटी मद्रास के छात्रों ने ‘आई इन द स्काई’ प्रोजेक्ट के तहत बनाया हैयह सॉफ्टवेयर 300 एकड़ इलाके को स्कैन कर बचाव दल को इसकी सूचना देगाएनडीआरएफ और अन्य लोग आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगेस्मार्ट फोन से बनाए गए वीडियो का विश्लेषण भी यह साॅफ्टवेयर कर सकता हैDainik Bhaskar Oct 11, 2019, 08:17 AM ISTनई दिल्ली. आईआईटी मद्रास ने एक ऐसा साॅफ्टवेयर बनाया है, जाे बाढ़, भूकंप, बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान फंसे जीवित लोगों का पता लगा लेगा। इस सॉफ्टवेयर में वीडियो अपलोड करने पर पता चल जाएगा कि कहां और कितने लोग फंसे हुए हैं, और उन्हें किस प्रकार की मदद की जरूरत है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से यह सॉफ्टवेयर आधे घंटे में 300 एकड़ के इलाके को स्कैन कर आपदा में फंसे लोगों का डेटा इकट्ठा कर लेगा और इसकी सूचना बचाव दल को दे देगा।यह साॅफ्टवेयर आईआईटी मद्रास के छात्रों ने ‘आई इन द स्काई’ प्रोजेक्ट के तहत बनाया है। इस प्रोजेक्ट के टीम लीडर प्रोफेसर शंकर और छात्र आयुष पारसभाई ने बताया कि इससे नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) को काफी मदद मिलेगी। ड्राेन में एक कैमरा लगा होगा, वह ऑनलाइन और ऑफलाइन वीडियो बनाएगा। यह वीडियो सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। सर्वर में मौजूद साॅफ्टवेयर इस वीडियो का विश्लेषण लेटे या हलचल करने वाले इंसान के बारे में पता लगा सकता है। अगर इलाके में इंटरनेट उपलब्ध है तो आपदा में फंसे लोगों की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। अगर इलाके में इंटरनेट नहीं है, तो उस वीडियो को किसी इंटरनेट वाले क्षेत्र में लगाकर साॅफ्टवेयर से विश्लेषण कर सकते हैं।आयुष ने बताया कि एनडीआरएफ का अनुभव रहा है कि आपदा के समय आमतौर पर लोग घर की छतों पर या खुली या ऊंचाई वाली जगह पर आ जाते हैं। उनके इसी अनुभव के आधार पर हमने साॅफ्टवेयर तैयार किया है। ड्रोन से करीब सौ मीटर की ऊंचाई से लिए गए वीडियाे का विश्लेषण सॉफ्टवेयर आसानी से कर सकता है। यही नहीं स्मार्ट फोन से बनाए गए वीडियो का विश्लेषण भी यह साॅफ्टवेयर कर सकता है।लोग भी कर सकेंगे सॉफ्टवेयर का इस्तेमालआपदा में लोगों की जान बचाने के लिए बनाए गए इस क्लाउड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल छह माह बाद एनडीआरएफ और सामान्य लोग भी कर सकेंगे। आपदा के समय इस सॉफ्टवेयर से आने वाले डेटा को एक्सिस करने का अधिकार संबंधित स्थानीय प्रशासन को उस समय के लिए दिया जा सकता है, ताकि उन्हें फंसे लोगों के बारे में जानकारी मिल सके।
Source: Dainik Bhaskar October 10, 2019 20:48 UTC