खास बातें प्रतियोगिता का आयोजन 11 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस’ को किया इस प्रतियोगिता में 18-23 साल की भारतीय महिलाएं हिस्सा ले सकती थीं ‘एक दिन का उच्चायुक्त’ प्रतियोगिता का यह तीसरा साल थाभारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त की नौकरी कितनी व्यस्तता भरी है इस बात का अनुभव गोरखपुर की रहने वाली 22 साल की एक युवती ने तब किया जब उसने एक दिन के लिए इस पद की जिम्मेदारी संभाली. बता दें कि आयशा खान को राजनयिक की जिम्मेदारी संभालने का मौका तब मिला जब उसने ‘एक दिन का उच्चायुक्त' प्रतियोगिता जीती. इस प्रतियोगिता का आयोजन 11 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस' को किया गया था. वहीं ‘एक दिन का उच्चायुक्त' प्रतियोगिता का यह तीसरा साल था. इसमें भाग लेने वाले को एक मिनट का वीडियो रिकॉर्ड करना होता है कि लैंगिक समानता क्यों जरूरी है और लैंगिक समानता के लिए अपने सबसे बड़े प्रेरणास्रोत के तौर पर वे किसे देखती हैं?
Source: NDTV October 10, 2019 20:48 UTC