पहले 22 सितंबर को की महिला के साथ मारपीट, फिर 25 सितंबर को दोबारा घर में घुसी पुलिसघर में कोई और नहीं होने का फायदा उठाकर किया महिला को बेइज्जतDanik Bhaskar Sep 26, 2018, 05:46 PM ISTअमृतसर। अमृतसर में पुलिस द्वारा एक महिला के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। जीप की छत पर बांधकर गांवभर में घुमाए जाने की वजह से जहां इस परिवार की इज्जत में फर्क पड़ा है, वहीं महिला घायल भी हो गई। फिलहाल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बर्ताव को लेकर भले ही पुलिस कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन गांववासियों में रोष है।तीन दिन में दो बार की पुलिस ने मारपीट: घटना 22 सितंबर की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जिले के गांव शहजादा में गुरविंद्र सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार करने पहुंची थी। वह वहां मौजूद नहीं था और परिवार की तरफ से कथित तौर पर बेकसूर आदमी को गिरफ्तार करने का विरोध किए जाने पर पुलिस वालों ने गुरविंद्र सिंह की पत्नी जसविंद्र कौर के साथ मारपीट की। इसकी शिकायत पुलिस विभाग के अधिकारियों को लिखित तौर पर दी गई थी, लेकिन 25 सितंबर को पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम दोबारा आई और उनके घर में जबरदस्ती घुस गई। आरोप है कि पुलिस कर्मचारियों ने उससे फिर मारपीट की।गांव वालों को इकट्ठा होता देख फेंक गए महिला को: इतना ही नहीं पीड़ित पक्ष की मानें तो घर में कोई सदस्य न मिलने पर वह उसे सरकारी जीप की छत पर जबरदस्ती बिठाकर ले गए और सारे गांव में घुमाया। गांव के लोग इकट्ठा होने लगे तो उन्होंने जीप कस्बा चविंडा देवी की तरफ भगा ली। चविंडा देवी बाईपास मोड पर चलती जीप को तेज मोड़कर उसे जमीन पर फेंक दिया। इस कारण वह घायल हो गई।सीसीटीवी में कैद हुई वारदात: उन्होंने बताया कि यह सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है। इस संबंधी घटना का पता लगने पर डीएसपी मजीठा निर्लेप सिंह और एसएचओ कत्थूनंगल हरप्रीत सिंह ने परिवार के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि घायल महिला की मेडिकल रिपोर्ट आने पर मामला दर्ज किया जाएगा।क्राइम ब्रांच से नहीं हो रही बात: हालांकि इस संबंधी क्राइम विभाग की टीम के साथ संपर्क करन की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। यूं मान लीजिए कि अब बात करने को कोई तैयार नहीं है। आखिर गांववासियों ने बड़ी संख्या में एकत्रित हो कर रोष प्रकट कर कहा कि पुलिस का यह चेहरा बहुत ही घिनौना है। महिला को जीप को इस तरह अपमानित करना गलत है।
Source: Dainik Bhaskar September 26, 2018 12:11 UTC