नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रोड शो के दौरान थप्पड़ मारने के आरोपित सुरेश चौहान के खिलाफ आइपीसी की धारा 323 और 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब सवाल उठता है अगर आरोपित पर दोष साबित हो गए तो उसे कितनी सजा मिल सकती है।जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुंचाने के लिए आइपीसी की धारा 323 लगाई जाती है। यह जमानती धारा है। इस धारा के तहत दोष साबित होने पर अभियुक्त को एक साल की सजा या एक हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों सजा के तौर पर मिल सकती है। यह सजा न्यायधीश के ऊपर निर्भर करता है कि वह दोषी को जुर्माना और एक साल की जेल दोनों सजा देना चाहते हैं या नहीं।धारा 153 उस आरोपित पर लगाया जाता है जो उपद्रव कराने के मकसद से किसी पर हमला करता है। यह भी एक जमानती धारा है। इस धारा में अपराध साबित होने पर दोषी को एक वर्ष कारावास या आर्थिक दंड या फिर दोनों सजा के तौर पर मिल सकती है।सुरेश चौहान को मिली जमानतदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रोड शो के दौरान थप्पड़ मारने के आरोपित सुरेश चौहान को रविवार शाम मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपित की जमानत मंजूर कर ली, लेकिन भरे गए बेल बांड की सत्यता की जांच के बाद ही उसे रिहा किया जाएगा। इसके लिए पुलिस को दो दिन का वक्त दिया गया है।पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने के मामले में रोड शो के आयोजक अजय उपाध्याय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। आरोपित सुरेश से पूछताछ के बाद थाने से जमानत दे दी गई, लेकिन उसका गुस्सा बरकरार था। उसने पुलिस के समक्ष कहा कि मौका मिलने पर वह फिर ऐसा करेगा। इसके बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ शांति भंग करने का पर्चा दाखिल किया। पुलिस का कहना था कि आरोपित दोबारा थप्पड़ मारने के फिराक में था। वहीं आरोपित ने कहा कि उसने यह सब गुस्से में किया।दिल्ली-NCR की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंलोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Mangal Yadav
Source: Dainik Jagran May 06, 2019 07:55 UTC