कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए दीपा माधवन ने NDTV से कहा, 'अब मुझे नहीं पता कि अध्यादेश वैध है या नहीं. इसके बावजूद कि मैं इन मुद्दों को उठाते हुए राज्यपाल को एक याचिका दूंगी.' अदालत के आदेश के बाद दीपा चाहती हैं कि राज्य सरकार उन्हें जयललिता की सारी संपत्ति का हक सौंप दे. उन्होंने कहा, 'इससे मुझे पता चला था कि हम एक परिवार के रूप में उनके लिए कितना मायने रखते हैं.' वह इसलिए भी इसको सार्वजनिक नहीं करती थीं क्योंकि वह डरती थीं.'
Source: NDTV May 30, 2020 02:37 UTC