जब बीजेपी के टिकट पर रामायण के 'रावण' बने थे सांसद, 'राम' को चुनाव लड़ाना चाहते थे राजीव गांधी - News Summed Up

जब बीजेपी के टिकट पर रामायण के 'रावण' बने थे सांसद, 'राम' को चुनाव लड़ाना चाहते थे राजीव गांधी


नई दिल्लीसुबह 9 बजे और रात को 9 बजे रामायण (Ramayana), रात में 12 बजे और शाम को 7 बजे महाभारत (Mahabharata), शाम में 8 बजे शक्तिमान (Shaktimaan)। इतना सुनते ही पहले पुराने दिन याद आ जाते थे, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन (Lockdown in india) में घरों में कैद लोगों की सुबह रामायण से शुरू होती है और शाम को महाभारत और शक्तिमान पर दिन खत्म होता है। अब जब कोरोना वायरस की वजह से लोग फिर से रामायण और महाभारत के मजे ले रहे हैं, तो आइए आपको इन किरदारों के राजनीतिक सफर पर लिए चलते हैं।जिस तरह आज के दौर में राजनीति में फिल्मी सितारे अपना हाथ आजमाते हैं या राजनीतिक पार्टियां फिल्मी सितारों को वोट खींचने के लिए चुनाव लड़वाती हैं, वैसा पहले भी हुआ करता था। तब रामायण के राम ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था तो रावण चुनाव लड़कर सदन पहुंचे थे। महाभारत के श्रीकृष्ण भी चुनावी मैदान में उतरे थे।बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे रामायण के रावण रामायण के रावण यानी अरविंद त्रिवेदी ने 1991 में बीजेपी के टिकट पर गुजरात के साबरकांठा से लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 48.28 फीसदी वोट मिले थे। अरविंद त्रिवेदी ने जनता दल गुजरात के मगनभाई मणिभाई पटेल को करीब 36 हजार वोटों से हराया था। 2002 में वह सेंसर बोर्ड के एक्टिंग चेयरमैन भी बने।सीता मां भी बीजेपी के टिकट पर जीती थीं चुनाव रामायण की माता सीता यानी दीपिका चिखलिया ने भी 1991 में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। वह गुजरात की वडोदरा सीट से लड़ी थीं। उन्हें कुल 49.98 फीसदी वोट मिले थे। दीपिका ने कांग्रेस के रंजीत सिंह प्रताप सिंह गायकवाड़ को करीब 34 हजार वोटों से हराया था।बीजेपी ने हनुमान को भेजा था राज्यसभा 2003 में सत्ताधारी बीजेपी ने रामायण के हनुमान यानी दारा सिंह को राज्यसभा भेजा था। मशहूर भारतीय पहलवान दारा सिंह पहले खिलाड़ी थे, जिन्हें राज्यसभा के लिए नामंकित किया गया था।बीजेपी के प्रवक्ता रह चुके हैं कृष्ण, हार गए थे चुनाव महाभारत के भगवान श्रीकृष्ण यानी नीतीश भारद्वाज बीजेपी के सक्रिय नेता रह चुके हैं। उन्होंने 1996 में बीजेपी के टिकट पर झारखंड के जमशेदपुर से चुनाव लड़ा और जीते, लेकिन 1999 में मध्य प्रदेश की राजगढ़ सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह से हारे थे। वह बीजेपी के प्रवक्ता भी रहे थे।महाभारत के भरत तो आज भी राजनीति में हैं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके राज बब्बर धारावाहिक महाभारत में भरत की भूमिका निभाते थे। वह 1989 में जनता दल के सदस्य थे और फिर समाजवादी पार्टी में जाकर दो बार लोकसभा चुनाव जीते। इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव को उन्हीं की सीट फिरोजाबाद पर जाकर भी हराया था।


Source: Navbharat Times April 14, 2020 10:20 UTC



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