डिजिटल डेस्क। फ्लाइट टेक-ऑफ, हवाई सफर, लैंडिंग की उम्मीद... मगर फिर कुछ ऐसा होता है जो न किसी ने सोचा होगा और न ही कोई चाहता होगा। विमान दुर्घटनाग्रस्त... जब लोहे के पंख फड़फड़ाते हुए मिट्टी में मिल जाते हैं, तो पीछे रह जाती है केवल चीखें, राख और कभी न भरने वाले जख्म। भारत के इतिहास में कुछ ऐसे मनहूस दिन भी दर्ज है जब एक हादसे ने हजारों लोगों की आंखें गमगीन कर दी।ऐसे ही तीन हादसों को आज हम याद करेंगे और प्रमुख रूप से पांच चीजें जानने की कोशिश करेंगे... क्या हुआ था? हादसे का कारणमौत का आंकड़ाकौन-सा विमान था? विमान का इतिहास महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की 28 जनवरी, 2026 की सुबह 8.46 बजे विमान हादसे में निधन हो गया। इस घटना के बाद जहां एक ओर शोक का माहौल है, नेता हो या आम आदमी हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है वहीं, बिहार के पुर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इन हादसों पर दुख जताते हुए एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा -1. बारामती का ताजा जख्म... अजित पवार का दुखद अंत क्या हुआ था: 28 जनवरी, 2026 की सुबह जब सूरज की किरणें बारामती की जमीन को छू रही थीं, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक चुनावी यात्रा मातम में बदल जाएगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार अपने चार्टर्ड विमान से बारामती एयरपोर्ट पर उतरने वाले थे। लैंडिंग के दौरान अचानक कुछ ऐसा हुआ कि विमान असंतुलित हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश में विमान दो हिस्सों में बंट गया और आग के गोले में तब्दील हो गया। मौत की संख्या और विमान: इस हादसे ने केवल अजित पवार को ही नहीं छीना, बल्कि उनके साथ सवार दो सुरक्षाकर्मी और दो जांबाज पायलटों समेत कुल 6 लोगों की जीवन लीला समाप्त हो गई। जिस विमान ने यह काल का ग्रास बनाया, वह था 'Learjet 45'।विमान का इतिहास और हादसे का कारण: कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर द्वारा निर्मित Learjet 45 को 1990 के दशक में एक 'स्टेटस सिंबल' माना जाता था। लेकिन इसका इतिहास दागदार रहा है। 2008 में मेक्सिको के गृह मंत्री की मौत से लेकर 2023 में मुंबई और मेक्सिको के रनवे पर इसके फिसलने की घटनाएं इसकी साख पर सवाल उठाती रही हैं। बारामती में भी शुरुआती जांच इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने की ओर इशारा कर रही है। 2. अहमदाबाद का वो खौफनाक मंजर... विजय रूपाणी की अंतिम उड़ान क्या हुआ था: तारीख थी 12 जून, 2025। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एअर इंडिया के एक विशाल विमान ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी। विमान में सवार थे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान का संपर्क एटीसी से टूट गया और एक जोरदार धमाके के साथ वह क्रैश हो गया। विमान और मौत का आंकड़ा: यह हादसा देश के सबसे बड़े नागरिक उड्डयन हादसों में से एक था। इसमें विजय रूपाणी सहित कुल 241 लोगों की दर्दनाक मौत हुई। इस उड़ान के लिए 'बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर' का इस्तेमाल किया जा रहा था। विमान का इतिहास और तकनीकी विफलता: बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान अपनी उन्नत तकनीक और लंबी दूरी तय करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इनका इतिहास विवादों से घिरा है। 737 मैक्स की विफलता के बाद ड्रीमलाइनर में भी बार-बार तकनीकी खामियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि 'मैन्युवरिंग कैरेक्टरिस्टिक्स आग्मेंटेशन सिस्टम' (MCAS) जैसे जटिल सॉफ्टवेयर्स और पायलटों के बीच समन्वय की कमी अक्सर इन हादसों की बड़ी वजह बनी।
Source: Dainik Jagran January 28, 2026 18:36 UTC