अनूप गुप्ता, जागरण, बरेली। लखनऊ-दिल्ली रेल लाइन के बीच फोर लाइन का निर्माण किया जाना है। जंक्शन पर पहले से ही छह प्लेटफार्म है। ऐसे में यहां जगह की कमी को देखते हुए टिसुआ के पास बाइपास बनाने की कवायद चल रही है। जिससे रेल ट्रैफिक का डायवर्सन तो होगा ही।साथ ही इसके बाद यह संभावना भी तलाशी जा रही है कि पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) की इज्जतनगर मंडल से आने वाली जो ट्रेनें अभी जंक्शन पर टर्निंग प्वाइंट न होने से संचालित नहीं हो पा रही, उन्हें भी इस बाइपास से कनेक्ट कर मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली की ओर दौड़ाया जा सके। इससे लखनऊ-सीतापुर-मैलानी के रास्ते दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी आसानी होगी।हालांकि अधिकारियों को अभी सिरे से काम करना होगा। लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, मैलानी और पीलीभीत होते हुए दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन बरेली-चंदौसी रूट से हो रहा है। वजह यह है कि जंक्शन पर बरेली सिटी की ओर से आने वाली ट्रेनों का मुरादाबाद की ओर टर्निंग प्वाइंट ही नहीं है। रेलवे के अधिकारियों ने पूर्व में कोशिश भी की लेकिन जंक्शन पर जगह कम है।साथ ही लखनऊ-दिल्ली मेनलाइन पर ट्रेनों का काफी लोड होने से कोशिश नाकाम रही। अभी कुछ समय पर जंक्शन पर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के सामने इसे लेकर उठे सवाल पर मुरादाबाद के वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी। चूंकि अब गाजियाबाद से लखनऊ तक बरेली होते हुए फोर लाइन प्रोजेक्ट पर बहुत ही तेजी से काम चल रहा है।गाजियाबाद से वाया बरेली होकर लखनऊ की दूरी करीब 450 किलोमीटर है। इस रेल मार्ग पर मेल, एक्सप्रेस, मालगाड़ी ट्रेनों का काफी लोड है। 24 घंटा में करीब 350 ट्रेनों का संचालन होता है। दो रेल लाइन होने के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। चार लाइन वाला ट्रैक गाजियाबाद से लखनऊ तक बनेगा।करीब डेढ़ साल से बोर्ड के निर्देशन में एजेंसी और इंजीनियरिंग टीम सर्वे कर रही थी,जो अब अंतिम चरण में है। डीपीआर भी तैयार हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत बरेली में बाइपास से रेल लाइन निकाली निकाली जानी है। इसके लिए भिटौरा से रामगंगा, बुखारा होते हुए टिसुआ स्टेशन के पास रेल लाइन को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। यह रेल लाइन करीब 40 किलोमीटर लंबी होगी।
Source: Dainik Jagran January 28, 2026 17:29 UTC