चंडीगढ़ में गोवर्धन पूजा: महिलाओं ने रंगोली के जरिए बनायी श्रीकृष्ण की छवि, शहर के गौशाला में विशेष पूजा का आयोजन - News Summed Up

चंडीगढ़ में गोवर्धन पूजा: महिलाओं ने रंगोली के जरिए बनायी श्रीकृष्ण की छवि, शहर के गौशाला में विशेष पूजा का आयोजन


Hindi NewsLocalChandigarhToday In The City, A Special Puja Was Organized In The Gaushala Of The City With Respect To Govardhan Pujan, Langar Was Organized In The Temples. Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपचंडीगढ़ में गोवर्धन पूजा: महिलाओं ने रंगोली के जरिए बनायी श्रीकृष्ण की छवि, शहर के गौशाला में विशेष पूजा का आयोजनचंडीगढ़ 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकदिवाली के बाद आज शहर की गौशाला में गोवर्धन पूजा की तैयारी की जा रही है। दोपहर 3 बजे के बाद शुभ मुहुर्त बताया जा रहा है।आज के दिन भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती हैगोवर्धन पूजा को लेकर शहर में कई जगहों पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। शहर के सेक्टर-45 में महिलाओं ने रंगोली के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की छवि बनायी। उधर, शहर के गौशालाओं में भी पूजा को लेकर कई आयोजन किया गया। पंडितों के अनुसार, गोवर्धन पूजन का शुभ समय दोपहर 3 बजे के बाद का है जो 5 बजकर 24 मिनट तक शुभ है। इस पूजा को लेकर गोबर से पर्वत बनाया गया है और श्रीकृष्ण की छवि को रंगों के माध्यम से उकेरा गया है।सेक्टर-45 की गौशाला में पूजा की तैयारी की जा रहीइस पर्व को मनाने के पीछे यह कथा प्रचलित है कि भगवान श्रीकृष्ण ने लोगों से इंद्र की पूजा के बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा था हालांकि इससे पहले लोग बारिश के लिए इसके देवता इंद्र की पूजा करते थे। काफी समय से गोकुल क्षेत्र में बारिश नहीं होने से लोग परेशान थे। भगवान कृष्ण ने लोगों को बताया कि गोवर्धन पर्वत से गोकुल वासियों को पशुओं के लिए चारा मिलता है। गोवर्धन पर्वत बादलों को रोककर वर्षा करवाता है जिससे कृषि उन्नत होती है, इसलिए गोवर्धन की पूजा की जानी चाहिए न कि इंद्र की।इस बात का पता चलते ही देवराज इंद्र ने इसे अपना अपमान समझा और फिर गुस्से में ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया था और लोगों की रक्षा की। बाद में इंद्र देव का गुस्सा तो ठंडा हो गया। इसके बाद खुश होकर लोगों ने 56 प्रकार के भोग बनाकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। इसके साथ ही इस पूजा की शुरुआत हुई। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत के प्रतीक की पूजा होती है। गोवर्धन पूजा के अवसर पर चंडीगढ़ के कई मंदिरों में आज लंगर लगाए जा रहे हैं।


Source: Dainik Bhaskar November 15, 2020 08:37 UTC



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