गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करना नहीं भूलीं मायावती, फ‍िर भी मुलायम की तारीफ में पढ़े कसीदे... - News Summed Up

गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करना नहीं भूलीं मायावती, फ‍िर भी मुलायम की तारीफ में पढ़े कसीदे...


नई दिल्‍ली, एजेंसी। कहते हैं कि अपना अस्‍तीत्‍व बचाने के लिए दुश्‍मन भी मौके पर एक दूसरे का दोस्‍त बन जाया करते हैं। यह कहावत सियासत के मैदान में एकबार फ‍िर हकीकत बनती नजर आई। मैनपुरी के क्रिश्चियन कॉलेज ग्राउंड में शुक्रवार को यूपी की सियासत में एक इतिहास कायम हुआ जब करीब 24 साल तक एक-दूसरे को नापसंद करने वाले मुलायम सिंह यादव और मायावती एक मंच पर एकसाथ नजर आए। कभी एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले इन दोनों नेताओं ने एक दूसरे की तारीफ की और लोगों से समर्थन मांगा। हालांकि, इस दौरान मायावती ने 1995 में हुए गेस्ट हाउस कांड का जिक्र भी किया। आइये जानते हैं कि कभी समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं को पानी पी-पीकर कोसने वाली मायावती ने मुलायम की तारीफ में क्‍या कसीदे पढ़े...मुलायम सिंह यादव ने सभी समाज को जोड़ामायावती ने अपने संबोधन में कहा कि मुलायम सिंह यादव ने सभी समाज को जोड़ा है। मुलायम सिंह यादव ही पिछड़ा समाज के सबसे बड़े और असली नेता है। नरेंद्र मोदी की तरह मुलायम सिंह नकली नेता नहीं हैं। मोदी ने तो सत्ता का दुरुपयोग किया है। अगड़ी जाति को मोदी ने पिछड़ी में शामिल कराया। मुलायम सिंह जो कहते हैं वह करते भी हैं।'जय भीम, जय भारत' के साथ 'जय लोहिया' का नारा भी जोड़ामायावती ने मुलायम सिंह को जिताने की अपील की साथ ही 'जय भीम, जय भारत' के साथ 'जय लोहिया' का नारा भी जोड़ दिया। मायावती ने कहा कि इस चुनाव में असली और नकली की पहचान कर लेना है। मोदी खुद को पिछड़ा बताकर लोगो को गुमराह कर रहे हैं। आप लोगों ने मेरा निवेदन है कि मुलायम सिंह यादव को ऐतिहासिक जीत दिलाएं। 'जय भीम, जय लोहिया, जय भारत।'गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर बताया क्‍यों मिलाया सपा से हाथमायावती ने 1995 में हुए गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि आप लोग सोच रहे होंगे कि गेस्ट हाउस कांड के बाद भी हमने समाजवादी पार्टी से गठबंधन क्यों किया। उस न भूलने वाले कांड के बाद भी हम साथ चुनाव लड़ रहे हैं। कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। हमने देश के हालात को देखते हुए और भाजपा को सबक सिखाने के लिए ही हमने सपा और रालोद के साथ गठबंधन किया है।अखिलेश ही मुलायम के एकमात्र उत्तराधिकारीबसपा मुखिया मायावती ने मंच से कई बार मुलायम सिंह के नाम के आगे 'श्री' लगाते हुए उनके लिए वोट मांगे। मायावती ने अपने संबोधन में कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने वादे पूरे नहीं किए। गरीबों का वोट पाने के लिए कांग्रेस पूरे देश में घूम रही है। मायावती ने जोर देकर कहा कि अखिलेश ही मुलायम सिंह के एकमात्र उत्तराधिकारी हैं।असली सेवक के रूप में काम कर रहे हैं मुलायममायावती ने कहा कि मुलायम सिंह ने मैनपुरी का काफी विकास किया है। अब उम्र का तकाजा है, फिर भी वह आखिरी सांस तक मैनपुरी सीट के विकास के लिए लड़ रहे हैं। मुलायम सिंह, नरेंद्र मोदी की तरह नकली सेवक बनकर नहीं बल्कि असली सेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। विरोधी दल के नेता के साथ मीडिया हमारी एकता से हैरान है। आप लोगों को विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आना है।इसलिए टूट गए थे सपा-बसपा के रिश्तेसाल 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। मुलायम सिंह यादव मुख्‍यमंत्री बने थे। साल 1995 की बात है, कहा जाता है कि मुलायम सिंह को यह सूचना मिली कि मायावती भाजपा से हाथ मिला सकती हैं। इस खबर पर सपा नेताओं का गुस्‍सा सातवें आसमान पर था। मायावती लखनऊ स्थित गेस्ट हाउस में बसपा विधायकों के साथ बैठक कर रही थीं। अचानक सपा नेता वहां पहुंचे और बसपा कार्यकर्ताओं से भिड़ गए। कहा जाता है कि मायावती पर भी हमले की कोशिश हुई लेकिन उन्‍होंने किसी तरह बचा खुद को लिया था। इसके बाद बसपा ने सपा से समर्थन वापस ले लिया था और भाजपा की मदद से सरकार बनाई थी।Posted By: Krishna Bihari Singh


Source: Dainik Jagran April 19, 2019 12:52 UTC



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