उन्होंने रविवार को कहा कि कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र (UN) लेकर जाना नेहरू की सबसे बड़ी भूल थी. शाह ने कहा कि समूचे विश्व ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 पर फैसला भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा. शाह ने कहा कि हमने इसके खिलाफ 11 आंदोलन किए और यहां तक कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके लिए अपने प्राण दिए. शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 1987 के विधानसभा चुनाव आतंकवाद के प्रसार का अहम मोड़ था जिसने अबतक 41,800 लोगों की जान ले ली.
Source: NDTV September 30, 2019 02:26 UTC