इस समझौते में केन्द्र की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, राज्य की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल और एनडीएफ़बी के चार धड़ों के शीर्ष नेतृत्व शामिल होंगे. समझौते में अलग बोडोलैंड राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश की मांग के बिना आदिवासियों को राजनीतिक और आर्थिक लाभ हासिल करने की बात होगी. हालांकि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि असम की क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखी जाएगी तथा एनडीएफबी की अलग राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख मांग पर विचार नहीं किया जाएगा. साथ ही एक आयोग का गठन किये जाने की भी उम्मीद है जो बोडो लोगों को कुछ विशिष्ट राजनीतिक अधिकार मुहैया कराने के संबंध में असम में विभिन्न वर्गों के लोगों के विचार लेगी. एक खेल विश्वविद्यालय और रोजगार उन्मुखी उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का वादा समझौते में शामिल होने की संभावना है.
Source: NDTV January 27, 2020 03:00 UTC