साणंद के मोतीपुरा गांव ने पिंजरे में कैद रखने की शुरुआत तीन साल पहले की थीशराबी को 24 घंटे पिंजरे में बंद कर दिया जाता था, 1200 रुपए जुर्माने भी भरना होता थाDainik Bhaskar Feb 16, 2020, 10:47 AM ISTसाणंद. गुजरात में शराबबंदी है, लेकिन इस पर यहां सवाल उठते रहे हैं। अहमदाबाद जिले के साणंद के नजदीक गांव मोतीपुरा में गांववालों ने शराबियों के खिलाफ पिंजरेनुमा जेल बनाई है। नशे में पाए गए हर व्यक्ति को इसी ‘जेल’ में बंद कर दिया जाता है। 24 घंटों तक शराबी यहीं पर बंद रहता है। इसके बाद ही उसके परिजन 1200 रुपए का जुर्माना चुकाकर उसे ले जा सकते हैं।पिंजरे की यह शुरुआत तीन साल पहले हुई थी। पिछले दो साल से यह कामयाब साबित हो रही है। पिछले दो सालों में एक भी केस सामने नहीं आया है। एक समय था, जब इस गांव में शराबियों का आतंक खुलेआम था। शाम पांच बजे बाद दूसरे गांव के लोग यहां नहीं आते थे। सरपंच बाबूभाई नायक बताते हैं- तीन बार पकड़े जाने पर बहिष्कार जैसी सजाएं तय की गईं। हालांकि, ऐसी नौबत नहीं आई।
Source: Dainik Bhaskar February 16, 2020 03:45 UTC