उनका कहना है कि किसानों के हितों के लिए आंदोलन करने का उनका पारिवारिक इतिहास रहा है. पहले महेंद्र सिंह टिकैत थे, फिर चाचा राकेश टिकैत और चौधरी नरेश टिकैत ने कमान संभाल ली. उनका कहना है कि राजनीति में जाने का इरादा नहीं है, चाहे तो इसका एग्रीमेंट करा लो. परिवार के बड़े किसान नेताओं की तरह ही सधे बयान देते हुए गौरव टिकैत ने कहा कि वह तो हर जगह के किसान हैं. हम पश्चिम यूपी ही नहीं, बुंदेलखंड, विदर्भ समेत पूरे देश के किसानों की आवाज उठाने आए हैं.
Source: NDTV February 05, 2021 12:08 UTC