क्रिकेट / बेन स्टोक्स ने 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' के नामांकन से खुद को अलग किया, बोले- विलियम्सन का समर्थन करें - News Summed Up

क्रिकेट / बेन स्टोक्स ने 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' के नामांकन से खुद को अलग किया, बोले- विलियम्सन का समर्थन करें


न्यूजीलैंड में पैदा हुए थे बेन स्टोक्स और इंग्लैंड में पले बढ़ेबेन ने खुद को 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' की दौड़ से अलग कियालोगों से कीवी कप्तान केन विलियम्सन का सपोर्ट करने को कहाDainik Bhaskar Jul 23, 2019, 07:42 PM ISTखेल डेस्क. इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बेहतरीन ऑलराउंडर और उसे विश्व कप 2019 जिताने वाले बेन स्टोक्स ने 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड के लिए केन विलियम्स का समर्थन किया है। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक लेटर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि मुझे मेरे न्यूजीलैंड पर गर्व है, लेकिन मैं इस गौरवपूर्ण अवॉर्ड के लिए सही नहीं हूं। इसके साथ ही उन्होंने इस अवॉर्ड के लिए न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन का समर्थन किया। बता दें कि इंग्लैंड की टीम से खेलने वाले स्टोक्स का जन्म न्यूजीलैंड में हुआ था, हालांकि वो बाद में इंग्लैंड चले गए थे। उनके माता-पिता आज भी न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में ही रहते हैं।इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए अपने लेटर में उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन की भरपूर तारीफ की और उन्हें इस अवॉर्ड के लिए बिल्कुल सही व्यक्ति बताया। उन्होंने लिखा, 'मैं बहुत खुश हूं कि मुझे 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' के लिए नामांकित किया गया। मुझे मेरे न्यूजीलैंड और माओरी हेरिटेज पर बेहद गर्व है। लेकिन मुझे ये सही नहीं लग रहा कि इस सम्मानजनक अवॉर्ड के लिए मुझे नामांकित किया जाए। कई ऐसे लोग हैं जो इस सम्मान को पाने के हकदार हैं और जिन्होंने न्यूजीलैंड के लिए काफी कुछ किया है।'केन को बताया प्रेरणादायक लीडरआगे उन्होंने लिखा, 'मैंने इंग्लैंड को विश्व कप जिताने में मदद की और मेरा ज्यादातर जीवन यूके में ही बीता है। ये तब से है जब मैं सिर्फ 12 साल का था। मुझे लगता है कि देश के सभी लोगों को अपना समर्थन न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन को देना चाहिए। उन्हें न्यूजीलैंड के महान खिलाड़ी के तौर पर पहचाना जाना चाहिए। पूरे विश्व कप में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व विशिष्टता और शान के साथ किया। वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने और प्रेरणादायक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरे। उन्होंने हर स्तर पर नम्रता और संवेदनशीलता को बनाए रखा और अच्छे आदमी के रूप में ऑलराउंडर साबित हुए। उन्होंने आदर्श स्थापित करते हुए बताया कि एक न्यूजीलैंडर को कैसा होना चाहिए। वे इस सराहना को पाने के सच्चे हकदार हैं। न्यूजीलैंड आप उनका समर्थन कीजिए। वे इस सम्मान को पाने के योग्य हैं और मेरा वोट भी उन्हें मिलेगा।'स्टोक्स का जन्म क्राइस्टचर्च में हुआ थाबेन स्टोक्स का जन्म 4 जून 1991 को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था। उनका पूरा नाम बेंजामिन एंड्रयू स्टोक्स है। जब वो 12 साल के थे तब उनका परिवार काम के सिलसिले में इंग्लैंड चला गया। यहीं से उनका क्रिकेट करियर शुरू हुआ। वो डरहम काउंटी से जुड़े और इंग्लैंड की अंडर-19 में शामिल हुए। कुछ साल बाद माता-पिता तो न्यूजीलैंड लौट आए, लेकिन बेन वहीं के होकर रह गए। 28 साल के इस ऑलराउंडर ने वर्ल्ड कप में 465 रन बनाए थे साथ ही 7 विकेट भी लिए थे। फाइनल में उनकी 84* रन की पारी की बदौलत ही इंग्लैंड की टीम चैम्पियन बनी थी। जिसके बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।जनता ही करती हैं नामांकनबता दें कि न्यूजीलैंड की जनता अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का नाम 'न्यूजीलैंडर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड के नामांकन के लिए देती है, जिनमें से 10 लोगों के नाम शॉर्टलिस्ट किए जाते हैं उन्हीं में से किसी एक को ये अवॉर्ड दिया जाता है, जिसकी घोषणा दिसंबर में की जाती है। ये अवॉर्ड उस कीवी शख्स को दिया जाता है, जिसने अपने जुनून का इस्तेमाल न्यूजीलैंड की बेहतरी के लिए किया हो।


Source: Dainik Bhaskar July 23, 2019 14:13 UTC



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