क्या है 25 लाख के क्लासरूम की कहानी? केंद्र सरकार (शहरी विकास मंत्रालय और CPWD) के नियमों के तहत प्लिंथ एरिया के आधार पर 2892.65 करोड़ रुपये की रकम मंजूर हुई. मनोज तिवारी ने इसी के तहत एक क्लास रूम 25 लाख रुपये का बनने का आरोप लगाया. लेकिन न तो कमरों की यह अंतिम लागत है और न ही ये सिर्फ़ कमरों की लागत है. PWD के चीफ इंजीनियर (सिविल) एमके महोबिया के मुताबिक 'जिन 77.54 करोड़ रुपये के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि एक कमरा 25 लाख रुपये का बन रहा है वो शुरुआती एस्टीमेट है.
Source: NDTV July 01, 2019 15:44 UTC