कांग्रेस पहले ही ऐलान कर चुकी है कि 'अगर उसे पीएम का पद नहीं मिलता है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं.' (File photo)विपक्ष की राजनीति के इस दौर में नए साझीदार तलाशने के लिए उठाया गया यह पहला कदम है, और काफी अहम है, क्योंकि हाल ही में दक्षिण भारत की राजनीति के मज़बूत चेहरे और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) प्रमुख के. वैसे, सूत्रों ने बताया है कि व्यक्तिगत रूप से KCR पहले से ही गुलाम नबी आज़ाद और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल के साथ संपर्क में हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावतीअब तक, वे सभी कहते रहे हैं कि वह मोदी-शाह को जाते हुए देखना चाहते हैं. सोनिया गांधी अब गठबंधन के पॉवरप्ले में शामिल हो गई हैं, जो अब इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू हो गया है.
Source: NDTV May 16, 2019 09:45 UTC