प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी और बालाकोट के नाम पर वोट मांगने पर क्या कार्रवाई हुई है, इनके जवाब को सुनिए, आपको साफ हो जाएगा कि चुनाव आयोग का सूर्य धुंधला हो गया है. ज़ाहिर है सेना का इस्तमाल वैधानिक नहीं है तो फिर प्रधानमंत्री के मामले में क्या आयोग के पन्ना पुखराज पहनने वाले आयुक्तों को डर लग रहा है? इसमें यह तो लिखा है कि एसपीजी सुरक्षित व्यक्ति सरकारी वाहनों का इस्तमाल नहीं कर सकता है मगर प्रधानमंत्री व अन्य राजनीतिक शख्सियतों को छूट है कि वे सरकारी वाहनों का इस्तमाल कर सकते हैं. 10 अप्रैल 2014 के आदेश में भी यह बात नहीं है कि प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी नहीं ली जा सकती. मगर प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी ओडिशा के संबलपुर में हुई जहां कोई एयरपोर्ट ही नहीं है.
Source: NDTV April 19, 2019 11:26 UTC