Dainik Bhaskar Feb 17, 2019, 06:24 AM ISTचाणक्य ने अपने नीति ग्रंथ के सत्रहवें अध्याय के 14वें श्लाेक में बुद्धि और ताकत के बारे में जानकारी दी है। चाणक्य ने अपनी नीति में बताया है कि वो कौन सी चीज है जिसको खाने से बुद्धि नष्ट हो जाती है। यानी बुद्धि कमजोर हो जाती है। वहीं चाणक्य ने ऐसे काम के बारे में भी बताया है, जिसको करने से ताकत खत्म हो जाती है। यानी कमजोरी आने लगती है। इनके साथ ही चाणक्य ने बुद्धि और ताकत को तत्काल बढ़ाने के उपाय भी बताए हैं। उन्होने ऐसी चीजें बताई हैं जिनको खाने से बुद्धि और ताकत दोनों बढ़ती है।चाणक्य नीति का श्लोकसद्यः प्रज्ञाहरा तुण्डी सद्यः प्रज्ञाकरी वचा ।सद्यः शक्तिहरा नारी सद्यः शक्तिकरं पयः ॥आचार्य चाणक्य के अनुसार तुंण्डी यानी कुंदरू खाने से बुद्धि तत्काल नष्ट हो जाती है। वहीं वच के सेवन से बुद्धि का शीघ्र विकास होता है। इसके साथ ही चाणक्य कहते हैं कि स्त्री के साथ संभोग करने से ताकत तत्काल खत्म हो जाती है। वहीं दूध के प्रयोग से खोई हुई ताकत फिर से मिल भी सकती है। इस तरह आचार्य चाणक्य के अनुसार कुंदरु बुद्धिनाशक और संभोग शक्तिनाशक है। वहीं वच नाम की औषधि बुद्धिवर्धक और दूध शक्तिवर्धक है। इसलिए संभोग और कुंदरू से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। वहीं दूध और वच का उपयोग ज्यादा करना चाहिए।
Source: Dainik Bhaskar February 17, 2019 00:45 UTC