कोरोनावायरस से बचने के लिए डॉक्टरों ने आम लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है।कोरोनावायरस से बचने के लिए डॉक्टरों ने आम लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है।चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 26 हुई, भारतीय दूतावास ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम रद्द कियाचीन में कोरोनावायरस के 830 मामले सामने आए, चीन के 10 शहरों में 6 करोड़ लोगों की यात्रा पर प्रतिबंधDainik Bhaskar Jan 24, 2020, 02:07 PM ISTमुंबई/नई दिल्ली/बीजिंग. चीन से फैल रहे कोरोनावायरस की आशंका के चलते भारत में सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता समेत देश के 7 एयरपोर्ट पर चीन से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 दिन के भीतर 1789 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से दो के संक्रमित होने की आशंका है। इन्हें कस्तूरबा गांधी अस्पताल के स्पेशल वार्ड में निगरानी में रखा गया है।चीन में जानलेवा कोरोनावायरस पहली बार वुहान में 2019 में सामने आया। यह वायरस पहले नहीं देखा गया था, यह तेजी से अपना रूप बदल लेता है। चीन में कोरोनावायरस से प्रभावित 830 लोगों की पहचान हो चुकी है। 20 प्रांतों में 1072 लोगों के इसी वायरस से प्रभावित होने का शक है। गुरुवार तक इससे मरने वालों की संख्या 26 पहुंच गई।चीन में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कीभारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि कोरोनावायरस को लेकर हम सतर्क हैं। चीन में हमारे दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की है। आने वाले लोगों को स्क्रीनिंग प्रॉसेस से गुजरना होगा। बाकी वहां रहने वाले भारतीयों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।चीन के 10 शहरों में लॉकडाउन, 39 भारतीय छात्र फंसेचीन के जिन 5 शहरों में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, उन्हें लॉकडाउन कर दिया गया है। इन 5 शहरों के अलावा 5 अन्य शहरों को भी लॉकडाउन किया गया है। यहां रहने वाले 6 करोड़ लोगों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बसें, ट्रेनें और उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। चीन में भारत के 39 छात्र फंसे हैं। वुहान में फंसे 25 भारतीय छात्रों में से 20 लोग केरल के हैं। इनके अलावा 14 छात्र यिचांग में फंसे हैं, जो हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रहे थे। इन छात्रों को गुरुवार रात वापस लौटना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वे वापस नहीं आ पाए।मुंबई में दो यात्री कफ और खांसी की शिकायत के बाद निगरानी में लिए गएस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी तक कोरोनावायरस का कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। बीते 14 दिनों से जांच की प्रक्रिया जारी है और इस दौरान चीन से लौटा कोई भी यात्री कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं पाया गया। कस्तूरबा गांधी अस्पताल में जिन दो यात्रियों को रखा गया है, उन्हें कफ और खांसी की शिकायत थी। इनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर चीन से आने वाले किसी भी यात्री में कोरोनावायरस से संबंधित कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो उसे सीधे स्पेशल वॉर्ड में भेजें। यहां डॉक्टरों को सरकार कीॆ ओर से खास निर्देश दिए गए हैं कि कोरोनावायरस से किस तरह निपटना है।भारतीय नर्स चीन के कोरोनावायरस से पीड़ित नहींएक दिन पहले ही सऊदी अरब के अस्पताल में काम करने वाली एक भारतीय नर्स कोरोनावायरस संक्रमित पाई गई थी। हालांकि, सऊदी स्थित भारतीय दूतावास का कहना है कि नर्स वायरस के उस टाइप से पीड़ित नहीं है, जिसने चीन में 25 लोगों की जान ली। बताया गया है कि नर्स कोरोनावायरस के एमईआरएस-सीओवी टाइप से पीड़ित है, न कि 2019-एनसीओवी (वुहान) टाइप से।सऊदी अरब के साइंटिफिक रीजनल इन्फेक्शन कंट्रोल कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर तारिक अल-अजराकी ने कहा कि भारतीय नर्स जिस कोरोनावायरस की चपेट में आई है, उसे दूसरे टाइप का है। इसकी पहचान सऊदी अरब में 2012 में हुई थी।लोगों के बिना कारण घरों से निकलने पर भी रोकप्रशासन ने सबसे ज्यादा प्रभावित पांच शहरों वुहान, इझोऊ, हुआंगगैंग, चिबी और झिझियांग से लोगों के बाहर जाने पर रोक लगा दी है। इन शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ट्रेनें रोक दी गई है। लोगों को बिना कारण घर से निकलने से मना किया गया है। साथ ही भीड़ के जुटने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।हॉस्पिटल के आइसोलेशन रूम में कोरोनावायरस पीड़ित की जांच करते डॉक्टर।देशों में सामने आए मामले:देश मामले मौत चीन 830 25 थाईलैंड 4 0 जापान 1 0 मकाऊ 1 0 जापान 1 0 दक्षिण कोरिया 1 0 ताइवान 1 0 अमेरिका 1 0 सिंगापुर 1 0माना जा रहा है कि वायरस जानवर से फैला हैअमेरिका के 5 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। लंदन से मॉस्को तक के हवाई अड्डों पर भी जांच की जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने पुष्टि की है कि प्रभावित लोगों के संपर्क में आने पर यह फैल सकता है। माना जा रहा है कि जानवर से यह वायरस फैला। चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के निदेशक गाओ फू ने कहा कि हम पहले से ही जानते हैं कि बीमारी एक ऐसे जगह से पनपी, जहां अवैध तरीके से जंगली जानवरों की खरीद-बिक्री होती है।
Source: Dainik Bhaskar January 24, 2020 02:39 UTC