किसान जिन टावरों को अंबानी का समझकर तोड़ रहे हैं, उन्हें कुछ महीने पहले वे ब्रुकफील्ड को बेच चुके हैं - News Summed Up

किसान जिन टावरों को अंबानी का समझकर तोड़ रहे हैं, उन्हें कुछ महीने पहले वे ब्रुकफील्ड को बेच चुके हैं


ब्रुकफील्ड को टावर बिजनेस बेच चुका है रिलायंस! रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर 2020 में इस बात की घोषणा कर दी थी कि जियो के दूरसंचार टावर असेट्स को कनाडा की ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी को बेचा जा चुका है। ब्रुकफील्ड टावर कंपंनी ने 100 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदी है यानी पूरा टावर बिजनेस अब ब्रुकफील्ड का है। यह डील 25,215 करोड़ रुपये में हुई थी। रिलायंस ने तो यह भी कहा था कि डील से मिले पैसों का इस्तेमाल जियो इंफ्राटेल का कर्ज चुकाने में किया जाएगा। यानी किसान जो टावर मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो का समझ कर तोड़ रहे हैं, वह दरअसल कनाडा की ब्रुकफील्ड का है।हालांकि, जियो को हो रहा है नुकसान! भले ही टावर रिलायंस जियो के ना हों, लेकिन रिलायंस जियो का बुनियादी ढांचा जरूर हैं। यानी ये तो साफ है कि टावरों को नुकसान पहुंचाए जाने से रिलायंस जियो को नुकसान तो हो ही रहा है। बिना टावर के मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करेगा और बिना मोबाइल नेटवर्क के फोन का कोई फायदा नहीं। ऐसे में दूरसंचार व्यवस्था बाधित होने की वजह से रिलायंस जियो के रेवेन्यू पर थोड़ा ही सही, लेकिन असर तोड़ ही रहा है।


Source: Navbharat Times December 29, 2020 11:08 UTC



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