फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार के पक्ष में 99 और विरोध में 105 वोट डाले गए. बता दें कि कर्नाटक के इतिहास में केवल तीन मुख्यमंत्री ही अब तक पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा कर पाए हैं. उनका सत्ता साझेदारी को लेकर भाजपा से मतभेद हो गया और उन्होंने राज्य में भगवा पार्टी नीत सरकार का समर्थन करने से इनकार कर दिया. यह भी पढ़ें: कर्नाटक : येदियुरप्पा के लिए मुख्यमंत्री बनने का अंतिम मौका, जिसे वे खोना नहीं चाहतेकांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल मई, 2018 में शुरू हुआ. मुख्यमंत्री के रूप में उनका तीसरा कार्यकाल 2018 में महज छह दिन 17 मई, से लेकर 23 मई रहा और उन्होंने बहुमत के अभाव में इस्तीफा दे दिया.
Source: NDTV July 23, 2019 17:49 UTC