रेवाबाई ने बताया आज वे इतनी सक्षम हैं कि अपने द्वारा लिए गए सभी ऋण चुका चुकी है। पति जो मजदूरी करते थे। उन्हें दो लोडिंग वाहन दिलाए। अपने भाई को ट्रैक्टर दिलवाया। परिवार में सभी को राेजगार की व्यवस्था की।शराबियों ने छोड़ा नशानोडल अधिकारी रामेश्वर पाटीदार ने बताया एक साल पहले तक निमोला गांव में अधिकतर लोग कच्ची शराब बनाने, अवैध शराब बाहर से लाकर गांव में बेचते थे। लोग शराब पीकर आते महिलाओं, बच्चों से घर में मारपीट करते थे। शराब के लिए कई लोगों ने अपनी जमीनें बेच दीं। रेवा बाई ने महिलाओं के साथ मिलकर शराब बंदी के लिए आंदोलन चलाया। धरमपुरी में आबकारी विभाग को ज्ञापन देकर दबाव बनाया। जिसके बाद आबकारी ने गांव में लगातार दबिश देकर शराब बेचने वालों पर छापामार कार्रवाई की। वर्तमान में गांव में कोई शराब नहीं बेचता। लगभग 70 प्रतिशत लोग शराब पीना छोड़ चुके है।
Source: Dainik Bhaskar January 06, 2019 21:00 UTC