जागरण संवाददाता, चंदौली : ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों की कमान अब सहायक विकास अधिकारियों के हाथ में होगी। उनकी देखरेख में विकास कार्य कराए जाएंगे। सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के उच्चाधिकारियों की नजर विकास कार्यों पर रहेगी। धांधली पर सीधे एडीओ पर गाज गिर सकती है।ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो गया। प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार खत्म हो गए हैं। ऐसे में गांवों में विकास कार्यों को जारी रखने के लिए एडीओ को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है। इसको लेकर शासन ने पहले ही फैसला कर लिया था। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर दिसंबर माह के पहले सप्ताह में ही सहायक विकास अधिकारियों की सूची मंगा ली गई थी। जनपद में पंचायत राज, कृषि व समाज कल्याण विभाग में कुल 30 सहायक विकास अधिकारी तैनात हैं। इन्हें 734 ग्राम पंचायतों की कमान सौंपी गई है। प्रत्येक एडीओ दो दर्जन ग्राम सभाओं का कार्यभार देखेंगे। हालांकि पंचायत चुनाव नजदीक आते ही ग्राम प्रधानों ने सक्रियता बढ़ा दी थी। गांवों में आवास, शौचालय, कच्चा-पक्का निर्माण समेत 90 फीसद विकास कार्य पूरे करा लिए। फिलहाल सामुदायिक शौचालय, मिनी सचिवालयों का निर्माण चल रहा है। वहीं मनरेगा के तहत होने वाले कार्य कराए जाएंगे। मनरेगा कार्यों पर ग्राम पंचायत का सीधा नियंत्रण नहीं है। प्रशासक के रूप में नियुक्त एडीओ को इसकी निगरानी करनी होगी। इसके अलावा चुनाव के वक्त मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं बहाल कराना होगा। ताकि पोलिग पार्टियों और मतदाताओं को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। शासन की ओर से प्रशासकों को चेकर नामित किया जाएगा। इसके बाद पंचायत राज विभाग स्वराज पोर्टल पर चेकर का पंजीकरण कराएगा। ताकि विकास कार्यों के लिए भुगतान में किसी तरह की बाधा न आने पाए।-----------25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। शासन के मंशा के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों पर अधिकारियों की नजर रहेगी।नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारीडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran December 25, 2020 12:33 UTC