नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। संसद की एक समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) से एटीएम बंद रहने की समस्या को दूर करने के लिए कहा ताकि फोस्र्ड कैश क्रंच (जान बूझकर नकदी की किल्लत पैदा करना) की स्थिति को टाला जा सके। वित्त मामलों की स्थायी समिति ने बैंकों से भी एटीएम की संख्या बढ़ाने के लिए कहा।समिति ने पिछले सप्ताह संसद में अपनी रिपोर्ट जमा की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल लेन-देन यूनिवर्सल के करीब भी नहीं पहुंच पाया है, इसलिए आरबीआइ को बैंकों के साथ मिलकर एटीएम बंद रहने और एटीएम की कमी की समस्या को दूर करने पर काम करना चाहिए। इसके साथ ही उसे सभी पक्षों के लिए एटीएम संचालन को लाभकारी भी बनाना चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों के एटीमएम में कैश की आपूर्ति नहीं बढ़ पाई है। इसके कारण कई एटीएम बंद रहते हैं।कर्मचारियों की बहाली तेज करे सरकारी बैंक: समिति ने सरकारी बैंकों को यह भी निर्देश दिया कि वे निचले और मध्य स्तर पर बहाली में तेजी लाएं और यह यह सुनिश्चित करें कि बड़ी संख्या में सेवानिवृत्ति के कारण रिक्तियों की स्थिति पैदा न हो। सरकारी बैंकों में 2019-20 में 95 फीसद जीएम स्तर के कर्मचारी, 75 फीसद डिप्टी जीएम स्तर के कर्मचारी और 58 फीसद अतिरिक्त जीएम स्तर के कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं।Posted By: Nitesh
Source: Dainik Jagran January 07, 2019 04:30 UTC