एटीएस ने बताया- आरोपी अशफाक ने पार्टी में शामिल होने के लिए कमलेश से 18 अक्टूबर की मीटिंग फिक्स की थी, इसी दिन हत्या कीमुख्यमंत्री आदित्य नाथ ने हिंदूवादी नेता के परिजनों से मुलाकात की, पत्नी ने कहा- हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी दी जाएहमलावर सूरत से आकर लखनऊ के होटल में ठहरे थे, उन्होंने यहां स्टाफ को अपनी असली आईडी दीDainik Bhaskar Oct 20, 2019, 07:18 PM ISTलखनऊ. हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में रविवार को एटीएस ने नया खुलासा किया। एटीएस के मुताबिक, आरोपी अशफाक ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर कमलेश से दोस्ती बढ़ाई थी और पार्टी में शामिल होने की बात कहकर 18 अक्टूबर की मीटिंग फिक्स की थी। मीटिंग के दौरान अशफाक और फरीद ने उनकी हत्या कर दी थी।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कमलेश के परिजन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कमलेश के परिवार को हत्यारों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। कमलेश की पत्नी ने हत्यारों के लिए फांसी की मांग की है।कमलेश की मां बोलीं- पुलिस जबरन हमें लखनऊ लाईकमलेश की मां कुसुम ने मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में 13 दिन तक कहीं नहीं जाते हैं, लेकिन पुलिस वाले जबरन हमें लखनऊ ले गए। हम तीन दिन से तड़प रहे हैं। हत्या के बाद 24 घंटे में हमलावरों को पकड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। अगर 24 घंटे के भीतर न्याय नहीं मिला तो खुद तलवार उठाएंगे। कमलेश की मां ने दावा किया है कि गांव में मंदिर को लेकर विवाद में स्थानीय भाजपा नेता ने बेटे की हत्या कराई।वहीं, कमलेश के बेटे सत्यम ने कहा कि हम एनआईए से जांच कराना चाहते हैं। पिता के साथ सुरक्षा गार्ड थे, फिर भी वारदात हो गई। ऐसे में स्थानीय प्रशासन पर कैसे भरोसा करें।होटल से मिले भगवा कुर्ते और चाकूएटीएस ने बताया कि कमलेश के दफ्तर पहुंचने से पहले आरोपी ने 10 मिनट तक फोन पर उनसे बात भी की थी। जब कमलेश दफ्तर पहुंचे, तब आरोपियों फरीद और अशफाक ने उनके नौकर स्वराष्ट्रजीत को सिगरेट लाने के बहाने बाहर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने कमलेश की हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को सूरत से तीन और बिजनौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फरीद और अशफाक फरार हैं। साजिश दुबई में रची गई। हत्या को अंजाम देने के लिए सूरत में गैंग बनाई गई। इसके बाद लखनऊ जाकर हत्या की गई।विवादित टिप्पणी करने पर की गई हत्यागुजरात एटीएस ने सूरत से मौलाना मोहसिन सलीम शेख, फैजान युनूस भाई जिलानी और रशीद शेख को गिरफ्तार किया। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कमलेश पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम रखने वाले बिजनौर के दो मौलानाओं माे. मुफ्ती नईम काजमी और इमाम मौलाना अनवारुल हक को पकड़ा है। हमले की साजिश रशीद शेख ने दो महीने सूरत में रहकर रची थी। फैजान ने सूरत की दुकान से मिठाई खरीदी थी। वह दुकान की सीसीटीवी फुटेज में नजर आया है। कमलेश को मारने गए हमलावरों के हाथ में मिठाई के यही डिब्बे थे, जिनमें उन्होंने हथियार छिपा रखे थे।कमलेश ने 2015 में पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जो उनकी हत्या का कारण बनी। हमले की जिम्मेदारी अल-हिंद ब्रिगेड संगठन ने ली। जिसने कमलेश के बयान को इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने वाला बताया था।हमलावर असली पहचान पत्र से होटल में रुके थेपुलिस के मुताबिक, फरीद और अशफाक असली पहचान पत्र के जरिए 17 अक्टूबर से खालसा होटल में ठहरे थे। उन्होंने रात करीब 11 बजे एक कमरा लिया था। वे अगले दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे निकल गए। फिर दोपहर 1.20 बजे होटल लौटे और 1.37 बजे फिर चले गए। होटल की अलमारी से बैग, लोअर और लाल-भगवा कुर्ते और चाकू मिले। कपड़े और तौलियों पर खून के निशान मिले हैं। नए मोबाइल और चश्मे के डिब्बे, सेविंग किट आदि सामान मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रही एक महिला भी जांच के दायरे में है।
Source: Dainik Bhaskar October 20, 2019 07:03 UTC