उद्धव कैबिनेट को लेकर नाराजगीहाइलाइट्स उद्धव कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर गठबंधन दल के नेताओं की नाराजगी अब खुलकर सामने लगी हैनाराज एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का किया ऐलानएनसीपी नेता मकरंद पाटील और राहुल चव्हाण भी कैबिनेट विस्तार का हिस्सा नहीं बनने के कारण नाराजसंग्राम थोप्टे के समर्थकों ने किया प्रदर्शनमहाराष्ट्र कैबिनेट में कांग्रेस विधायक असलम शेख को शामिल करने पर भाजपा का शिवसेना पर हमलाउद्धव कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर गठबंधन दल के नेताओं की नाराजगी सामने लगी है। कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने सोमवार रात ऐलान किया कि वह महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे, क्योंकि वह अब राजनीति के योग्य नहीं हैं। सोलंके चार बार से मजलगांव सीट से विधायक हैं।एनसीपी नेता मकरंद पाटील और राहुल चव्हाण भी ताजा कैबिनेट विस्तार का हिस्सा नहीं बनने के कारण नाराज हैं। महाराष्ट्र विकास आघाड़ी में शामिल छोटे दलों के शपथग्रहण समारोह में निमंत्रण नहीं देने से राजू शेट्टी जैसे नेताओं ने खुलेआम नाराजगी व्यक्त की। इतना ही नहीं, मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने से पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के भी नाराज होने की खबर है।पुणे के भोर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक संग्राम थोप्टे को उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिलने पर सोमवार को उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। भोर से पार्टी के एक नेता ने कहा कि कांग्रेस के सभी 20 पार्षदों ने पूर्व मंत्री अनंतराव थोप्टे के पुत्र संग्राम थोप्टे के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई में पार्टी के बड़े नेताओं को अपने त्यागपत्र सौंप दिए हैं। हालांकि संग्राम थोप्टे ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की।इस बीच उद्धव कैबिनेट में शामिल न किए जाने पर शिवसेना के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाखुश होने की अटकलों के बीच पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा कि तीन पार्टी की गठबंधन सरकार में शिवसेना के पास ‘सीमित विकल्प’ थे। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत ने कहा कि उन्हें 24 अक्टूबर को राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन देने वाले सहयोगियों को इसमें जगह देनी थी। हमें नए चेहरों को भी मौका देना था।बता दें कि शिवसेना ने सोमवार को हुए विस्तार के दौरान नए मंत्रिपरिषद् में रामदास कदम, दिवाकर रावते, रवींद्र वाइकर, दीपक केसरकर और तानाजी सावंत जैसे अपने नेताओं को जगह नहीं दी। इससे पहले ताजा विस्तार में 36 विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली। इनमें एनसीपी के 14 मंत्री, शिवसेना के 12 और कांग्रेस के 10 मंत्री हैं।
Source: Navbharat Times December 31, 2019 08:55 UTC