Dainik Bhaskar Jun 03, 2019, 07:33 PM ISTपर्वतारोहियों के दल ने 13 मई को नंदा देवी की चोटी की चढ़ाई शुरू की थीदो हिस्सों में बंटे दल को 26 मई तक वापस लौटना था, 31 तक सूचना नहीं मिलने के बाद खोजबीन शुरू हुई2 जून को 4 ब्रिटिश पर्वतारोहियों को बचाया गया, 4 ब्रिटिश, 2 अमेरिकी, एक-एक ऑस्ट्रिलियाई और भारतीय पर्वतारोही लापता थेनई दिल्ली/देहरादून. नंदा देवी की चोटी पर चढ़ाई के लिए गए 8 पर्वतारोहियों की मौत हो गई। सोमवार को 5 के शव भी देखे गए। अधिकारियों ने कहा कि शवों को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। 12 सदस्यीय दल में से 8 सदस्यों ने 13 मई को नंदा देवी की चोटी की चढ़ाई शुरू की थी और इन्हें 26 मई तक वापस आना था। लेकिन, 31 मई तक जब इनकी कोई सूचना नहीं मिली तो खोजबीन शुरू की गई।2 जून को इस दल में शामिल 4 ब्रिटिश पर्वतारोहियों को बचाया गया था। इनके अलावा लापता पर्वतारोहियों में 4 ब्रिटिश, 2 अमेरिकी, एक-एक ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय शामिल थे।बचाए गए ब्रिटिश बेस कैंप में ठहरे थेरिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन 4 ब्रिटिश पर्वतारोहियों को बचाया गया था, उनमें से एक मार्क थॉमस सोमवार को भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर खोजबीन के लिए रवाना हुए थे। थॉमस ने उस स्थान की तस्वीरें लीं, जहां पर कैंप लगाया गया था। तस्वीरों में उन्होंने 5 शव देखे। थॉमस दल के उस हिस्से में शामिल थे, जो दूसरे बेस कैम्प में ठहरा हुआ था। बाकी 8 पर्वतारोहियों ने नंदा देवी की चोटी की चढ़ाई शुरू की थी।हिमस्खलन के बाद परेशानियां बढ़ींचोटी पर जाने वाले दल का नेतृत्व ब्रिटिश पर्वतारोही मार्टिन मोरान कर रहे थे। वे पहले भी दो बार इस चोटी पर चढ़ाई कर चुके थे। हालांकि, हालिया अभियान की शुरुआत से पहले उन्होंने फेसबुक पोस्ट में इस बात के संकेत दिए थे कि उनका दल इस बार किसी ऐसी चोटी पर जा रहा है, जहां पहले कोई नहीं गया। इस दल को 26 मई तक मुंसियारी स्थित बेस कैम्प में आ जाना था। लेकिन, जब दूसरे बेस कैंप में ठहरे थॉमस की टीम का चढ़ाई करने वाले दल से कोई संपर्क नहीं हुआ, तब उन्होंने खोज शुरू की। हालांकि, थॉमस की टीम को रविवार को बचा लिया गया।
Source: Dainik Bhaskar June 03, 2019 13:15 UTC