जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ईद के दौरान हिंसा रोकने की मांग वाली याचिका पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस सहित अन्य से जवाब मांगा है। अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया है कि याचिका में कानून-व्यवस्था की उस संभावित स्थिति से संबंधित कुछ मुद्दे उठाए गए हैं और याचिका में ईद के दिन इससे सार्वजनिक जीवन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। अदालत ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि याचिका में व्यक्त की गई आशंका चार मार्च को होली के दिन उत्तम नगर में एक युवक की हत्या के बाद उत्पन्न हुई स्थिति के कारण हुई। अदालत ने क्या-क्या कहा मृत्यु के कारण विभिन्न समुदायों से संबंधित लोगों में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके कारण समाज के कुछ वर्ग ईद के अवसर पर हिंसा कर सकते हैं और ऐसी स्थिति से बचा जाना आवश्यक है।अदालत ने कहा कि पुलिस ने यह भी बताया है कि इलाके में सीएपीएफ और दिल्ली पुलिस की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई है। चार कंपनी में 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।पुलिस ने बताया है कि इंटरनेट मीडिया पर निगरानी भी रखी जा रही है और 8862 लोगों को सत्यापित किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार अमन कमेटी बैठक जिला स्तर पर की जा चुकी है। पिछले दो सप्ताह में इस तरह की 36 बैठक की जा चुकी हैं। इसके अलावा पुलिस ने यह भी बताया कि द्वारका पुलिस ने कानून-व्यवस्था के संबंध में कई कदम उठाए हैं।ईद का त्योहार खुशी मनाने के लिए अदालत ने कहा कि ईद का त्योहार खुशी मनाने के लिए मनाया जाता है और यह सभी संबंधित व्यक्तियों का कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस पवित्र अवसर पर किसी भी व्यक्ति या समाज के किसी भी वर्ग द्वारा की गई तोड़-फोड़ या गुंडागर्दी जैसी किसी भी अप्रिय घटना के कारण जनजीवन बाधित न हो।पुलिस को बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी अदालत ने कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि सरकार और पुलिस का कर्तव्य है कि समाज का हर नागरिक अपने धार्मिक अधिकारों का पालन सुनिश्चित करे। याचिका में जताई गई आशंका चार मार्च को हुई घटना पर आधारित हैं और इसलिए पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।पीठ ने कहा कि अदालत इस बात पर जोर देती है कि स्थिति का आकलन करने पर यदि पुलिस बंदोबस्त को और मजबूत करने की कोई आवश्यकता महसूस होती है, तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 'कड़ी निगरानी रखें सरकार और पुलिस' अदालत ने पुलिस और सरकार को लगातार कड़ी निगरानी रखने का आह्वान करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के सदस्यों से भी संयम बनाए रखने और इस तरह से आचरण करने का आह्वान किया, जिससे शांति और सद्भाव को बढ़ावा मिले और ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जो विकट रूप ले ले।कानून के तहत सभी उचित कदम उठाए पुलिस अदालत ने उक्त टिप्पणियों के साथ कहा कि हम इस क्षेत्र की पुलिस और नागरिक प्रशासन को निर्देश देते हैं कि वे कानून के तहत अनुमेय सभी आवश्यक कदम उठाएं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थिति कोई अप्रिय मोड़ न ले।अदालत ने कहा कि पुलिस का बंदोबस्त इस प्रकार का होना चाहिए जिससे सभी लोगों में सुरक्षा और संरक्षा की भावना पैदा हो। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के किसी भी वर्ग के किसी भी व्यक्ति को ऐसी कोई भी शरारत करने की अनुमति न दी जाए।
Source: Dainik Jagran March 19, 2026 13:35 UTC