वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अब अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस हमले का सबसे मुख्य निशाना ईरान का ‘खर्ग आइलैंड’ बना, जहां स्थित विशाल ऑयल टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। बता दें कि ईरान का करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी टर्मिनल से दुनिया भर में एक्सपोर्ट होता है। जानकारों का मानना है कि इस हमले के जरिए अमेरिका और इजरायल ने सीधे तौर पर ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति अपनाई है।रिहायशी इलाकों और पुलों पर गिरी मिसाइलें, कई मौतेंसिर्फ सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इस हमले में निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोम-कशान क्षेत्र में पुलों पर बमबारी की गई। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हुए हमले में 2 लोगों की मौत और 3 लोगों के घायल होने की खबर है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल को भी ध्वस्त कर दिया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि अल्बोर्ज़ प्रांत में हुए हमले में कम से कम 18 लोगों की जान गई है।ट्रंप की डेडलाइन और होर्मुज स्ट्रेट का विवादयह सैन्य कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त चेतावनी के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे तक ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) को नहीं खोला, तो उसके जरूरी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया था कि रास्ता न खुलने की सूरत में ईरान के पुल और पावर प्लांट सुरक्षित नहीं रहेंगे। जैसे ही समय सीमा समाप्त हुई, अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान के आसमान में गरजते हुए हमला बोल दिया।ईरान का पलटवार: शारजाह पर हमला और जवाबी कार्रवाई की धमकीइन हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर है कि ईरान ने यूएई के शारजाह में हमला किया है। तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह अब हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगा और अमेरिका समेत उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से भी आग्रह किया है कि वे अमेरिका को अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने दें।मिसाइल सेंटर ‘पारचिन कॉम्प्लेक्स’ में भीषण धमाकाईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित ‘पारचिन कॉम्प्लेक्स’ में एक बहुत बड़ा धमाका सुना गया है। यह साइट ईरान के लिए बेहद संवेदनशील है क्योंकि यहाँ मिसाइलों का उत्पादन और सैन्य निर्माण कार्य होता है। दूसरी ओर, इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उनके सटीक हमलों में अब तक ईरान की 130 से अधिक हवाई रक्षा प्रणालियां (Air Defense Systems) नष्ट कर दी गई हैं। तेहरान, कोम, और लोरेस्तान प्रांत के हवाई अड्डों पर भी धमाकों की गूंज सुनाई दी है।
Source: Dainik Bhaskar April 08, 2026 02:59 UTC