यरुशलम में शांति को प्रभावित नहीं करने देंगे: नेतन्याहू खबरों के मुताबिक इजरायली राष्ट्रवादियों के विवादित इलाके में इजरायल का दावा पेश करने के लिए ओल्ड सिटी से परेड निकालने से एक दिन पहले यह झड़प हुई है। देर रात शुरू हुई इस झड़प के बाद सोमवार को वार्षिक ‘यरुशलम दिवस’ समारोह में और हिंसा होने की आशंका बढ़ गई है। इज़राइल की पुलिस ने कई दिनों से इज़राइल और फलस्तीन के बीच जारी तनाव के बावजूद रविवार को परेड निकालने की अनुमति दे दी थी। ‘यरुशलम दिवस’ से पहले मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक को संबोधित करते हुए रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘किसी भी चरमपंथी ताकत को यरुशलम में शांति को प्रभावित नहीं करने देंगे। हम निर्णायक रूप से तथा जिम्मेदारी से कानून एवं व्यवस्था लागू करेंगे।’ इजरायली पीएम ने कहा, ‘हम सभी धर्मों के लोगों की पूजा-अर्चना करने की स्वतंत्रता जारी रखेंगे, लेकिन हिंसक गतिविधियों को अंजाम नहीं देने देंगे।’‘यरुशलम दिवस’ को लेकर भड़का है तनाव अमेरिका ने यरुशलम में मौजूदा परिस्थितियों को लेकर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने इज़राइल के अपने समकक्ष से फोन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता इमली हॉर्न की ओर से जारी बयान के अनुसार, सुलिवन ने इज़राइल से ‘यरुशलम दिवस के स्मरणोत्सव के दौरान शांति बनाकर रखने की अपील की है।’ ‘यरुशलम दिवस’ इजरायल के वर्ष 1967 में पूर्वी यरुशलम पर कब्जा करने का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। पूर्वी यरुशलम में हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ गया है। इज़राइल और फलस्तीन दोनों पूर्वी यरुशलम पर अपना दावा पेश करते हैं। फलस्तीन श्रद्धालुओं की शुक्रवार देर रात भी अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इज़राइली पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। बताया जा रहा है कि फलस्तीनियों के उग्र होने के पीछे इजरायली कोर्ट का फैसला जिम्मेदार है।शेख जर्राह से फलस्तीनियों को निकाल रहा इजरायल इजरायल की सेंट्रल कोर्ट ने पूर्वी यरूशलम में रह रहे 4 फलस्तीनी परिवारों को शेख जर्राह इलाके से निकालने का आदेश दिया। कोर्ट ने इन सभी जगहों पर दक्षिणपंथी इजरायली लोगों को बसाने का आदेश दिया। इजरायल के सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर गुरुवार को फैसला देना था लेकिन अब जोरदार झड़प के बाद इस फैसले को 10 मई तक के लिए टाल दिया गया है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इजरायली लोगों के पक्ष में फैसला दिया तो फलस्तीनी लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ेगा। इस तनाव के बीच पुराने शहर इजरायली पुलिस ने बैरियर लगा दिया ताकि रोजा तोड़ने के लिए फलस्तीनी वहां पर जमा न हों। फलस्तीनी लोगों ने इसे अपने जमा होने के अधिकार का उल्लंघन माना। वहीं पुलिस ने कहा कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इकट्ठा हुए हैं।
Source: Navbharat Times May 10, 2021 08:19 UTC