आपको बता दें कि 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित एनआरसी की ड्राफ्ट लिस्ट के बाद दावों और आपत्तियों की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है. इसकी वजह यह है कि वे जब भी स्थानीय नागरिक सेवा केंद्र पर दावे के लिए गए, न तो कथित तौर पर उनकी किसी ने मदद की और न ही यह बताया कि अब आगे क्या करना है. आपको बता दें कि बीते तीन दिनों में आई करीब 3 लाख आपत्तियों में से 1 लाख के आसपास आपत्तियां अकेले बारपेटा जिले की ही हैं. उन्होंने कहा, "मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि भारत के किसी नागरिक का नाम एनआरसी में नहीं छूटेगा". पीएम मोदी ने कहा, "मुझे मालूम है कि एनआरसी का अपडेट करने की प्रक्रिया में अनेक लोगों को कष्ट उठाना पड़ा है.
Source: NDTV January 06, 2019 13:29 UTC