प्रतिरक्षा विभाग की एजेंसी कॉम्बेटिंग टेरोरिज्म टेक्निकल सपोर्ट ऑफिस ने जेटसन सिस्टम विकसित कियादावा है कि जेटसन 200 मीटर की दूरी से किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन पकड़ लेगाDainik Bhaskar Jan 25, 2020, 09:00 AM ISTवॉशिंगटन. पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां किसी संदिग्ध और दुश्मन देश के जासूस पर हमला करने से पहले उसकी पहचान सॉफ्टवेयर से करती हैं। यह लोगों के नाक-नक्श या चाल-ढाल से पहचान करता है। ऐसी टेक्नोलॉजी में भूल की गुंजाइश है। इस कारण अमेरिका की स्पेशल ऑपरेशन कमांड (एसओसी) ने एक नए सिस्टम का उपयोग शुरू किया है।प्रतिरक्षा विभाग की एजेंसी कॉम्बेटिंग टेरोरिज्म टेक्निकल सपोर्ट ऑफिस (सीटीटीएसओ) द्वारा विकसित सिस्टम जेटसन 200 मीटर की दूरी से किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन से अपने शिकार की पहचान करेगा। चूंकि दिल का आकार अलग-अलग होता है इसलिए धड़कनों का पैटर्न भी भिन्न रहता है। जेटसन संबंधित व्यक्ति के कपड़ों पर उसके दिल की धड़कन की हलचल रिकॉर्ड करता है। सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी आइडियल इनोवेशंस ने इसे हार्टप्रिंट नाम दिया है।डिवाइस की बीम संदिग्ध व्यक्ति पर लगभग 30 सेकंड रहती हैजेटसन दिल की छाप पकड़ने के लिए लेजर वाइब्रोमीटर गैजेट का उपयोग करता है। संबंधित व्यक्ति पर लेजर बीम डालने से सूक्ष्म हरकत का पता लगता है। इनका उपयोग कई साल से पुल, विमान, युद्धक जहाजों की तोपों और विंड टरबाइन जैसी वस्तुओं के अध्ययन के लिए हो रहा है। इंफ्रारेड बीम होने के कारण इसे मानवीय आंख से देखना संभव नहीं है। डिवाइस उस समय अच्छे से काम करता है, जब संदिग्ध व्यक्ति दौड़ नहीं रहा होता है या किसी चलते वाहन पर सवार नहीं रहता है। डिवाइस की बीम संदिग्ध व्यक्ति पर लगभग 30 सेकंड रहती है।
Source: Dainik Bhaskar January 25, 2020 03:00 UTC