अमेरिका की पाक को चेतावनी, Terror Funding रोको वरना FATF अगले माह लगा देगी प्रतिबंधआशुतोष झा, न्यूयार्क। पाकिस्तान के समक्ष फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती एफएटीएफ यानी आतंकवाद को फंडिंग रोकने के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय समिति फाइनेंसिएल एक्शन टास्क फोर्स के प्रतिबंध को टालने की है। अमेरिका भी यह बात बखूबी समझ रहा है तभी उसने पीएम इमरान खान की सरकार को सुझाव दिया है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय संगठन की तरफ से तय मानकों का पालन करने का काम करे।पाकिस्तान ऐसा नहीं करता है तो 19 अक्टूबर, 2019 को उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने का खतरा है। अमेरिका के दक्षिण व केंद्रीय एशिया मामलों की सचिव एलिस वेल्स ने इस बारे में पाकिस्तान को चेतावनी दी है। दरअसल, एफएटीएफ का प्रतिबंध लागू होने पर पाकिस्तानी बाजार पर नजर जमाये अमेरिकी कंपनियों को भी धक्का लगेगा।पिछले कुछ दिनों के दौरान न्यूयार्क में ट्रंप प्रशासन के साथ दक्षिण एशिया के शीर्ष नेताओं के साथ हुई कई दौर की औपचारिक व अनौपचारिक मुलाकात के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेस में वेल्स ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर अपने रवैये में भारी सुधार करने के सुझाव दिए।कश्मीर में जल्द हों चुनाववेल्स से जब कश्मीर के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने उसके बारे में भी अपने विचार खुल कर रखे और भारत सरकार को भी सुझाव दिया कि वह कश्मीर में जल्द चुनाव करवाने के अपने वादे को पूरा करे। हालांकि अमेरिकी मंत्री ने एक बार भी धारा 370 हटाने के भारत के फैसले पर सवाल नहीं उठाया।कुछ पाकिस्तानी पत्रकारों ने यह जानना चाहा कि क्या अमेरिका कश्मीर में जांच के लिए अपनी टीम भेजना चाहेगा तो वेल्स ने तल्खी भरे स्वर में कहा कि, जांच टीम भेजना अमेरिका का काम नहीं है। अमेरिका ने दोनों देशों को बातचीत करने का भी सुझाव दिया, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि भारत व पाकिस्तान के भावी रिश्ते इस बात से तय होंगे कि आतंकवाद को लेकर इमरान खान सरकार आगे क्या कार्रवाई करती है।आतंकी फंडिंग रोकने पर दिए गए पाक को निर्देशएफएटीएफ ने जून, 2019 में कहा था कि पाकिस्तान आतंकी फंडिंग रोकने पर दिए गए निर्देशों का पालन निर्धारित समय (मई, 2019) तक करने में असफल रहा है, ऐसे में उसे अक्टूबर, 2019 तक और कदम उठाने को कहा गया है। इसके साथ ही पाक को चेतावनी दी गई थी कि अगर उसने संतोषप्रद कदम नहीं उठाये तो अगला कदम उठाया जाएगा जो प्रतिबंध करने का भी हो सकता है।वेल्स ने कहा है कि, पाकिस्तान के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण समय है, हमें उम्मीद है कि एफएटीएफ की तरफ से जो काम दिया गया है उसे वहां की सरकार पूरा करेगी। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने कुल 27 मानकों के पालन करने का निर्देश दिया है जिसमें से मई, 2019 तक सिर्फ पांच मानकों का पालन ही पाकिस्तान कर पाया है।पाकिस्तान पर प्रतिबंधअगर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगता है तो वहां काम करना किसी भी विदेशी कंपनी के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा। वेल्स ने बताया कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रहा है और इसके लिए जल्द ही पाकिस्तान उद्यमियों का एक दल वहां जाने वाला है। यह भी वजह है कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान एफएटीएफ को लेकर ज्यादा गंभीरता दिखाए।Posted By: Bhupendra Singhअब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप
Source: Dainik Jagran September 28, 2019 16:18 UTC