डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस्लामाबाद इन दिनों दुनिया की नजरों में है। पाकिस्तान की राजधानी इस वीकेंड अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण शांति वार्ता की मेजबानी करने जा रही है। दो हफ्ते के सीजफायर के घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत शुरू होने वाली है। लेकिन लेबनान में इजरायली हमलों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है, जिससे वार्ता की सफलता पर सवाल उठ रहे हैं।वार्ता केवल सीजफायर को स्थायी बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु तथा मिसाइल कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों पक्ष लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते की ओर बढ़ना चाहते हैं।शहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी गुरुवार को इस्लामाबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मुख्य सड़कें सील कर दी गईं, ट्रैफिक डायवर्ट किया गया और संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया। विदेशी डेलिगेशनों के आने से पहले एयरपोर्ट रोड और नूर खान एयरबेस की ओर जाने वाली सड़कें कंटेनरों और कांटेदार तारों से ब्लॉक कर दी गईं।रेड जोन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जिसमें सरकारी इमारतें, दूतावास और ऑफिसियल आवास हैं। पुलिस ने एक्स पर चेतावनी जारी की कि केवल आधिकारिक वाहनों को ही अनुमति है। नागरिकों से अपील की गई है कि जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। एक्सप्रेस हाईवे पर भी डायवर्जन लगा दिए गए हैं।पाकिस्तान सरकार ने राजधानी में दो दिन का स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है ताकि डेलिगेट्स की आवाजाही आसान हो सके। रावलपिंडी जिले में भी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अस्पताल और रेस्क्यू टीमों को स्टैंडबाय रखा गया है।अमेरिकी डेलिगेशन को फुलप्रूफ सुरक्षा का भरोसा पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नेटली बेकर से मुलाकात में कहा कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए हर तरह का पुख्ता इंतजाम किया गया है। उन्होंने अमेरिकी डेलिगेशन को हमारे खास मेहमान बताते हुए कहा कि सभी विदेशी मेहमानों के लिए हर पहलू से फुलप्रूफ सुरक्षा का व्यापक प्लान तैयार किया गया है। एक 30 सदस्यीय अमेरिकी एडवांस टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है, जो सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही है।ईरानी डेलिगेशन की आगमन, लेकिन संदेह बरकरार ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघादम ने पहले एक्स पर लिखा था कि ईरानी डेलिगेशन गुरुवार रात को पहुंचेगा और ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर गंभीर बातचीत होगी। हालांकि लेबनान में इजरायली हमलों के बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी।ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले धोखा हैं और वार्ता को बेकार बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे हाथ ट्रिगर पर हैं। हम लेबनान के भाइयों-बहनों को कभी नहीं छोड़ेंगे। ईरानी जनता में भी सीजफायर के उल्लंघनों को लेकर गहरा संशय है।जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी टीम व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उपराष्ट्रपति JD वेंस के नेतृत्व में एक टीम भेज रहे हैं। इसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर भी शामिल हो सकते हैं। वार्ता शनिवार से शुरू होने की उम्मीद है।
Source: Dainik Jagran April 10, 2026 21:32 UTC