ट्रैक बदलने के लिए बनी दो पटरियों के बीच में फंस गए पहिएचालक ने ट्रेन रोककर अधिकारियों को बताई समस्या, दो घंटे में सुलझाईDainik Bhaskar Dec 31, 2019, 05:48 AM ISTनसीराबाद(अजमेर). स्थानीय रेल्वे स्टेशन के पास भीलवाड़ा मार्ग लाईन पर सेना के यार्ड के पास एक मालगाड़ी होपर के वैगन के पहिए ट्रैक बदलने के लिए बनी दो पटरियों के बीच में फंस गए नसीराबाद से भीलवाड़ा का रेल मार्ग सवा दाे घंटे तक बाधित रहा।जानकारी के अनुसार सेना के यार्ड के पास कुछ समय से 6-7 होपर वैगन खड़े थे जिन्हें सोमवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे वहां से हटाकर इंजन द्वारा अजमेर की तरफ ले जाया जा रहा था। इसी दौरान सेना के यार्ड के ट्रैक से मैन ट्रैक पर आते समय चौथे नंबर का होपर पटरी से उतर गया और ट्रेक बदलने के लिए बनी दो पटरियों की कैंची के बीच में वैगन के पहिए फंस गए।जिस पर ईंजन चालक ने उसे वहीं रोक दिया तथा घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद ट्रैक में फंसने वाले तीनों होपर को अलग कर उन्हें रेल्वे प्लेटफार्म पर खड़ा करवा दिया। सूचना मिलने पर अजमेर से सहायक मंडल रेल प्रबंधक, ऑपरेशन आदित्य मंगल सहित रेल्वे के विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई।जिन्होंने अजमेर से तुरंत टूल वैन को बुलाया जो कि मौके पर पहुंची। इसके बाद टूल वैन के साथ आए कर्मचारियों और मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टूल वैन में से जैक व अन्य उपकरण निकालकर वैगन में लगाकर उसके दोनों व्हील फ्री कर उन्हें पटरियों पर पुन: स्थापित किया।इसके पश्चात ईंजन लगाकर सभी होपर वैगन को पीछे कर पुन: सेना यार्ड की ओर ले जाकर खड़ा किया जिस पर लगभग दो घंटे बाद साढ़े तीन बजे ट्रैक क्लीयर हुआ। मुख्य ट्रेक पर वैगन फंसने से यातायात बाधित हो गया और जोधपुर से रतलाम जाने वाली ट्रेन को नसीराबाद स्टेशन के पहले ही रोक दिया गया। ट्रैक क्लीयर होने के बाद लगभग सवा दो घंटे देरी से जोधपुर-रतलाम ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची जिसे गंतव्य के लिए रवाना किया गया।इस बारे में सहायक डीआरएम मंगल ने बताया कि होपर वैगन को गंतव्य स्थान पर ले जाने के दौरान अज्ञात कारणों संभवत: जम्प खाने से वैगन के पहिए पटरी से डिसमैनेज होकर ट्रैक की कैंची में फंस गए जिससे किसी प्रकार की हानि नहीं हुई और रेल्वे के टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वैगन को वहां से हटा कर ट्रेक को सुचारू कर दिया।
Source: Dainik Bhaskar December 31, 2019 00:22 UTC