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February 07, 2026 04:50 UTC

लेखक के बारे में विवेक सिंह विवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 07, 2026 04:44 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 07, 2026 04:39 UTC

लेखक के बारे में अभिषेक पाण्डेय अभिषेक पाण्डेय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। उन्हें करंट अफेयर्स,राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर काम करने का तीन वर्ष से अधिक का अनुभव है। साथ ही इन्होंने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024 को काफी करीब से कवर किया है। वर्तमान में NBT (DIgital)में राष्ट्रीय खबरें,राजनीति और दिल्ली से जुड़ी खबरों पर कार्य कर रहे हैं। अभिषेक TIL समूह में जुड़ने से पहले दैनिक जागरण में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की है। साथ ही गूगल द्वारा फेक न्यूज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया है।... और पढ़ें

February 07, 2026 04:37 UTC

लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

February 07, 2026 04:35 UTC





ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत में हर रोज बड़ी संख्‍या में सड़क हादसे होते हैं, जिनका मुख्‍य कारण लोगों की लापरवाही होती है। कई बार लोग अपनी कार के टायर पर ध्‍यान नहीं देते और खराब होने के बाद भी उनका उपयोग करते रहते हैं। कार के टायर में क्रैक आने का क्‍या कारण होता है। किस तरह से इस परेशानी से बचा जा सकता है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।टायर में क्रैक होते हैं खतरनाक किसी भी तरह के वाहन में टायर उपयोग सबसे महत्‍वपूर्ण होता है। लेकिन अधिकतर लोग कार के टायर की सही तरह से देखभाल नहीं कर पाते। जिससे टायर में कुछ समय के बाद क्रैक आ जाते हैं। यह भले ही काफी छोटे हों, पर यह काफी ज्‍यादा खतरनाक भी हो सकते हैं।कहां से होता है क्रैक गाड़ी के टायर में सबसे ज्‍यादा क्रैक आने का खतरा साइड वॉल पर होता है। टायर के साइड वॉल पर अगर हल्‍की दरारें आ जाएं तो लापरवाही के कारण यह बड़ी भी हो सकती है। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसके अलावा टायर में क्रैक के कारण हवा जल्‍दी जल्‍दी निकलने लगती है। जिस कारण एवरेज पर भी बुरा असर होता है।कम उपयोग से भी आते हैं क्रैक अगर कार को काफी कम चलाया जाता है और अक्‍सर कार को एक ही जगह पर खड़ा रखा जाता है, तो भी गाड़ी के टायर में क्रैक आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा तब होता है जब टायर उपयोग में नहीं आते हैं और लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने के कारण रबड़ सूखने लगती है।कब आते हैं क्रैक किसी भी क्‍वालिटी के टायर के साथ लापरवाही बरती जाए तो नुकसान होता है। अक्‍सर मौसम और टायर के घिसने के कारण क्रैक आ जाते हैं। लेकिन कई और भी कारण होते हैं, जिनके कारण टायर में क्रैक आने का खतरा बढ़ जाता है।

February 07, 2026 04:33 UTC

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इंडियन एक्सप्रेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व बैंकर की गिरफ्तारी से जुड़ी कुछ न्यूज़ रिपोर्ट हटाने का दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश दूसरे मामलों में मिसाल के तौर पर लागू नहीं होगा।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच IE ऑनलाइन मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें बैंकर के अपराध से बरी होने के बाद कुछ आर्टिकल हटाने और डी-इंडेक्स करने का निर्देश दिया गया।कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया और इंडियन एक्सप्रेस को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि विवादित फैसला बाद के मामलों में मिसाल के तौर पर लागू नहीं होगा।कोर्ट ने आदेश दिया,“सीनियर वकील मिस्टर अरविंद दातार ने कहा कि जिस सामग्री को पहला प्रतिवादी आपत्तिजनक बता रहा है, उसे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पहले ही हटा दिया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि विवादित निर्देश बाद के मामलों के लिए मिसाल नहीं बनने चाहिए। इसलिए संबंधित पक्षों के हितों को संतुलित करते हुए विवादित आदेश पर रोक लगाई जा सकती है। हमें सीनियर वकील मिस्टर दातार द्वारा दिए गए तर्कों में दम लगता है। इसलिए इस बात को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता के संबंध में विवादित आदेश का पालन किया गया, विवादित आदेश बाद के मामलों के लिए मिसाल नहीं होगा।”जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इस मामले में यह सवाल शामिल है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार और भूल जाने के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रेस की स्वतंत्रता के साथ कैसे संतुलित किया जाए।जस्टिस भुयान ने कहा,“निजता की एक दीवार खड़ी करने की कोशिश की जा रही है ताकि नागरिकों को जानकारी तक पहुंच न मिल सके। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।”Case Title – IE Online Media Services Private Limited v. N B

February 07, 2026 04:25 UTC

BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में विराट कोहली और रोहित शर्मा का डिमोशन, कैटेगिरी ए में होंगे ये 3 खिलाड़ी! Gaurav Gupta Authored by : • राहिल सैयद Edited by : | टाइम्स ऑफ इंडिया• 7 Feb 2026, 9:17 am ISTSubscribe2025-2026 के लिए बीसीसीआई जल्द ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान करने वाला है। इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा फेरबदल होने वाला है। विराट कोहली और रोहित शर्मा का डिमोशन हो सकता है।

February 07, 2026 04:25 UTC

हमारी जो पूर्वज थीं, वो महिलाएं थीं। इसलिए मैं विक्का और मूर्तिपूजा मे भरोसा करती हूं। हम चुड़ैलों की पोतियां हैं, जिनको जलाया नहीं जा सका। मुझे महसूस होता है कि मेरी रगों में उनका खून है।हम नास्तिक, गैर-धार्मिक परिवार में बड़े हुए हैं। हमारे घर पर भगवान नहीं थे और न ही ये जरूरी था कि हमें मंगलवार को नॉन-वेज खाना नहीं खाना।धर्म और भगवान का कॉन्सेप्ट तो हमारे लिए था ही नहीं।मम्मी को डर रहता था कि ये हिंदी नहीं सीख पाएंगे क्योंकि हम सिर्फ तमिल में ही बात करते थे। इसी वजह से कई सालों तक हमारी तमिल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा।

February 07, 2026 04:01 UTC

Losing fat while gaining muscle may seem like a fitness myth, but research shows it is possible in certain situations. This process, called body recomposition, goes against the old idea that you can only build muscle by eating more calories than you burn. Is it scientifically possible to build muscle in a caloric deficit? “It is scientifically possible to build muscle while being in a caloric deficit, provided the deficit is moderate and not extreme,” says Dr Prakash. “In such cases, the body can tap into stored fat for energy while muscle protein synthesis is stimulated through resistance training and adequate nutrition.”

February 07, 2026 04:00 UTC

Hindi NewsLocalBiharPatnaFamilies Of Martyred Soldiers Will Get Land For Farming And Home. शहीद सैनिकों के परिवार को खेती-घर के लिए जमीन मिलेगीपटना 18 घंटे पहलेकॉपी लिंक5 साल तक वार्षिक लगान भी नहीं लेगीयुद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों (परिवार) को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवास के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी।यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो।ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, पर 5 वर्ष तक वार्षिक लगान भी नहीं ली जाएगी। इसके लिए सेलर्स, सोल्जर्स एवं एयरमेन बोर्ड की अनुशंसा और न्यूनतम 6 माह की संतोषजनक सेवा का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह निर्णय लिया गया है।बिहारी होना जरुरी, निजी आवासीय जमीन नहीं होभूमि बंदोबस्ती के लिए आश्रित का बिहार राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। उनके पास आवास हेतु पहले से निजी जमीन न हो। यदि निजी आवासीय जमीन उपलब्ध पाई जाती है, तो बंदोबस्ती नहीं की जाएगी।

February 07, 2026 03:43 UTC

लेखक के बारे में राहिल सैयद राहिल सैयद, नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (स्पोर्ट्स सेक्शन) हैं। वे पिछले 2 साल से ज्यादा के समय से NBT में काम कर रहे हैं। वह क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी जैसे तमाम स्पोर्ट्स को कवर करते हैं। डेस्क से ओलंपिक, एशियन गेम्स, आईपीएल, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े खेलों की रियल टाइम शानदार कवरेज कर चुके हैं। उन्होंने खेल पत्रकारिता करियर का आगाज स्पोर्ट्जविकी से किया। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है, जबकि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं।... और पढ़ें

February 07, 2026 03:40 UTC

लेखक के बारे में विवेक सिंह विवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 07, 2026 03:39 UTC

Hindi NewsLocalRajasthanJaipurJaipur Public Issues Resolved | People Get Relief; Dainik Bhaskarजयपुर में सीवर ओवरफ्लो, सड़कों पर कचरे के ढेर: भास्कर एप पर जनता की आवाज से समस्याएं हो रही सॉल्व, प्रशासन ले रहा एक्शनजयपुर 3 घंटे पहलेकॉपी लिंकभास्कर के समाधान सेगमेंट पर शहर के अलग-अलग इलाकों से जनसमस्याओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कहीं सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है, तो कहीं खाली प्लॉट कचरे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं, वहीं मंदिरों के बाहर तक गंदगी फैलने की शिकायतें भी मिल रही हैं।भास्कर एप के माध्यम से उठाए गए इन मुद्दों पर प्रशासन ने कई स्थानों पर त्वरित कार्रवाई की है। कहीं सीवर लीकेज दुरुस्त कराया गया, तो कहीं सड़क मृत जानवर को हटवाया गया। इन प्रयासों से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।मंदिर के बाहर बह रहा सीवर का पानी ब्रह्मपुरी के कृष्णा नगर से हेमंत ने भास्कर समाधान सेगमेंट में सीवर का गंदा पानी सड़क पर बहने की शिकायत की। हेमंत ने बताया कि सीवर का पानी कॉलोनी के मंदिर तक आ रहा है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।खाली प्लॉट में कचरे का ढेर पालड़ी मीणा से शकील आलम ने पोस्ट किया है कि मोहल्ले के खाली प्लॉट में कचरे का ढेर हो गया है। जिसमें आवारा जानवरों का भी जमावड़ा लगा रहता है। शकील ने इस प्लॉट को साफ करवाने की मांग की है।कई दिनों से क्षेत्र में बंद पानी की सप्लाई सी-स्कीम के जमनालाल बजाज मार्ग से दिनेश कुमार योगी ने बताया-उनके इलाके में पिछले 10 दिनों से पानी सप्लाई बंद है। सीवर लाइन के काम के कारण पानी रोका गया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी सप्लाई शुरू नहीं की गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।चांदपोल में सड़क पर बहता सीवर का पानी नाहरगढ़ के चांदपोल क्षेत्र से आयूष ने बताया-यहां स्थित मंदिर के बाहर सीवर का गंदा पानी बह रहा है। इस संबंध में नगर निगम में शिकायत भी की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।भास्कर एप से मिला समाधानशिकायत के बाद लोगों को मिला समाधान मानसरोवर के झालाना चोर्ड से वीना रंगवानी ने सीवर लीक होने की समस्या के बारे में शिकायत लिखी थी। उन्होंने बताया था कि, यहां पर 4 दिनों से गंदा पानी बह रहा है। जिसके कुछ ही समय बाद प्रशासन ने मामले में एक्शन लेकर तुरंत समाधान करवाया।।किशनपोल में पड़ा कचरा और मृत पशु शहर के किशनपोल निवासी दीपक मंगल ने भास्कर समाधान पर बीच सड़क कचरा और मृत पशु पड़े होने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि इससे पूरी सड़क पर बदबू फैल रही थी और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया था।अनिल बने ‘पब्लिक के स्टार’ शिकायत सामने आते ही किशनपोल जोन के सेनेटरी इंस्पेक्टर अनिल उम्रवाल ने तुरंत कार्रवाई की। समय पर की गई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को राहत मिली और अनिल उम्रवाल को लोगों ने ‘पब्लिक के स्टार’ का दर्जा दिया।पब्लिक को वॉयस दे रहा भास्कर समाधान दैनिक भास्कर डिजिटल पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को वॉयस देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। लोगों के शानदार रेस्पोंस के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी व आसान बनाया गया है।अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएंदैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है उसे भी कॉल कर सकेंगे।शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयासइस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। एप के इस सेगमेंट के जरिए आपकी आवाज सीधे उस मंच तक पहुंचेगी, जहां से असर होता है।भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए…1.जयपुर में बंद रोड लाइटें बनी बड़ी समस्या:भास्कर समाधान सेगमेंट में शहरवासी बता रहे आए दिन की परेशानी, पोस्ट करने के बाद मिल रही राहत2.पिंकसिटी में झुके लाइट पोल, सडकों पर कीचड़ जमा:जनता की आवाज से ठीक हुई सोडाला की पाइपलाइन, अब सुचारु होगी जलापूर्ति3.जयपुर में रोड बना कचरा घर,सड़क पर सीवर का पानी:गढ़ गणेश मंदिर पर हुई सफाई, भास्कर समाधान से अफसर बन रहे 'पब्लिक के स्टार'4.भास्कर समाधान’ सेगमेंट के जरिए समस्याएं बता रहे लोग:जयपुर में सड़क, रोडलाइट और सीवरेज की प्रोब्लम सबसे ज्यादा, रोजाना परेशान होते हैं शहर के लोग5.भास्कर के नए सेगमेंट में उठीं सिविक समस्याएं:सड़क पर सीवरेज का पानी, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट नदारद, अव्यवस्थित पार्किंग से बढ़ी परेशानी6.जयपुर में अपने इलाके की समस्याएं सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाएं:भास्कर एप पर लॉन्च हुआ नया सेगमेंट 'भास्कर समाधान', अब प्रमुखता से उठाई जाएंगी जनसमस्याएं

February 07, 2026 03:36 UTC

लेखक के बारे में सुनील पाण्डेय सुनील पाण्डेय, नवभारत टाइम्स बिहार-झारखंड के सीनियर जर्निलिस्ट हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों विधाओं का अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और ग्राउंड रिपोर्टिंग में 20 साल का तजुर्बा हैं। प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका माया और लोकायत से इन्होंने करियर की शुरुआत की। ईटीवी न्यूज़, महुआ न्यूज़ और ज़ी बिहार-झारखंड में लंबे समय तक कुशलता से अपनी जिम्मेदारी निभाई। न्यूज 18 बिहार-झारखंड में असिस्टेंट न्यूज एडिटर रहते हुए चैनल को नई दिशा दी। ग्राउंड और रिसर्च स्टोरी की रिपोर्टिंग/एडिटिंग में माहिर माने जाते हैं। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खासी पकड़ रखते हैं। कई अवॉर्ड से सम्मानित सुनील पाण्डेय को डिजिटल माध्यम में दिलचस्पी और सीखने की प्रबल इच्छा इन्हें नवभारत ​टाइम्स तक खींच लाई। मीडिया के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत चाहत रखते हैं। जनवरी 2021 से NBT में कार्यरत हैं। इन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान पटना विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 07, 2026 03:19 UTC