हमारी जो पूर्वज थीं, वो महिलाएं थीं। इसलिए मैं विक्का और मूर्तिपूजा मे भरोसा करती हूं। हम चुड़ैलों की पोतियां हैं, जिनको जलाया नहीं जा सका। मुझे महसूस होता है कि मेरी रगों में उनका खून है।हम नास्तिक, गैर-धार्मिक परिवार में बड़े हुए हैं। हमारे घर पर भगवान नहीं थे और न ही ये जरूरी था कि हमें मंगलवार को नॉन-वेज खाना नहीं खाना।धर्म और भगवान का कॉन्सेप्ट तो हमारे लिए था ही नहीं।मम्मी को डर रहता था कि ये हिंदी नहीं सीख पाएंगे क्योंकि हम सिर्फ तमिल में ही बात करते थे। इसी वजह से कई सालों तक हमारी तमिल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा।