Hindi NewsLocalBiharPatnaFamilies Of Martyred Soldiers Will Get Land For Farming And Home. शहीद सैनिकों के परिवार को खेती-घर के लिए जमीन मिलेगीपटना 18 घंटे पहलेकॉपी लिंक5 साल तक वार्षिक लगान भी नहीं लेगीयुद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों (परिवार) को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवास के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी।यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो।ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, पर 5 वर्ष तक वार्षिक लगान भी नहीं ली जाएगी। इसके लिए सेलर्स, सोल्जर्स एवं एयरमेन बोर्ड की अनुशंसा और न्यूनतम 6 माह की संतोषजनक सेवा का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह निर्णय लिया गया है।बिहारी होना जरुरी, निजी आवासीय जमीन नहीं होभूमि बंदोबस्ती के लिए आश्रित का बिहार राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। उनके पास आवास हेतु पहले से निजी जमीन न हो। यदि निजी आवासीय जमीन उपलब्ध पाई जाती है, तो बंदोबस्ती नहीं की जाएगी।