लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 12, 2026 06:20 UTC

Hindi NewsLocalUttar pradeshLucknowFarmers Protest Lucknow | India US Agriculture Deal Opposedलखनऊ में भारत-अमेरिका कृषि समझौते के खिलाफ प्रदर्शन: किसानों ने कलेक्ट्रेट के सामने किया प्रदर्शन, जिलाधिकारी से मिलने पर अड़ेलखनऊ 3 घंटे पहलेकॉपी लिंकभारत–अमेरिका कृषि समझौते के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय लखनऊ में किसानों ने प्रदर्शन किया। “मेरा खेत – मेरा अधिकार” के नारे के साथ भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान धरना-प्रदर्शन जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठ गए।वह डीएम विशाख जी. का इंतजार किया। उन्हीं को केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का ज्ञापन देने के लिए काफी देर तक बैठे रहे। उनका कहना था कि हम लोग गांव इतनी दूर आ गए और डीएम साहब कमरे से नहीं निकल पा रहे हैं। हम उन्हें अपना ज्ञापन देकर ही यहां से लौटेंगे।2 तस्वीरें देखिए…किसान लखनऊ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठ गए। वे नारेबाजी कर रहे हैं।किसानों ने डीएम साहब बाहर आओ, बाहर आओ जैसे नारे लगाए।प्रदर्शन के पल-पल अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…. अपडेट्स 08:47 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक जिलाधिकारी विशाख जी. ने किसानों से ज्ञापन लिया 08:43 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक किसानों को कलेक्ट्रेट के अंदर ले जाया गया 08:23 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक अमेरिका-भारत डील नहीं चलेगी के नारे लगा रहे 08:22 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक छोटे अधिकारी को ज्ञापन देने से मना किया वाइस सिटी इंचार्ज ज्ञानचंद गुप्ता ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन किसानों ने मना कर दिया। उनका कहना है कि जिलाधिकारी आएंगे तभी ज्ञापन दिया जाएगा। 08:13 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक डीएम साहब बाहर आओ, बाहर आओ के नारे लगा रहे 08:08 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक डीएम साहब आएंगे तो उन्हें ही ज्ञापन देंगे किसानों का कहना है कि अगर डीएम साहब नहीं आएंगे.... तो हम ज्ञापन नहीं देंगे... जब वह (डीएम) यहां पर बैठे हुए हैं, उसके बाद भी नहीं आ रहे हैं तो हम लोग यही समझेंगे कि वह किसान विरोधी हैं। किसानों का कहना है कि हम गांव से यहां पर आ गए हैं और साहब कमरे से बाहर तक नहीं आ पा रहे हैं। 07:48 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक समझौते को लेकर किसानों में नाराजगी किसानों का आरोप है कि भारत-अमेरिका कृषि समझौता देश के छोटे और मझोले किसानों के हितों के खिलाफ है। संगठन का कहना है कि यदि विदेशी कंपनियों को खुली छूट दी गई तो स्थानीय किसानों की जमीन, उपज और बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर यूनियन ने जिला प्रशासन के माध्यम से 07:44 AM 12 फ़रवरी 2026कॉपी लिंक डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन धरना-प्रदर्शन के दौरान किसान प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें समझौते को रद्द करने या उस पर पुनर्विचार की मांग की जाएगी। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ लखनऊ की आवाज नहीं, बल्कि देशभर के किसानों की चिंता है।

February 12, 2026 06:20 UTC

AdvtJoin the community of 2M+ industry professionals. Subscribe to Newsletter to get latest insights & analysis in your inbox. All about ETHealthworld industry right on your smartphone! Download the ETHealthworld App and get the Realtime updates and Save your favourite articles. (Reporting by Mexico City Newsroom; Editing by Aida Pelaez-Fernandez)>

February 12, 2026 06:15 UTC

Dainik Bhaskar Mumbaiकिसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाने जारी मसौदा संशोधनभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन और एकीकरण के लिए बृहस्पतिवार को मसौदा जारी किया जिसका उद्देश्य कवरेज का विस्तार, परिचालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण और कृषि क्षेत्र की उभरती जरूरतों का ध्यान रखना है।

February 12, 2026 06:12 UTC

A 28-year-old tea worker was reportedly found from a garden in northeastern Bangladesh on the eve of the election, police said on Wednesday. Residents said deep wounds were visible on his body, and his hands and legs were tied. One of them told The Daily Star that Ratan may have been killed elsewhere and the body later dumped in the garden. Police said they have provided a list of risk-prone polling centres to the EC, which showed that out of 2,131 polling centres in Dhaka, 1,614 were risk-prone. In capital Dhaka, police arrested a Jamaat leader over buying votes while crude bombs were exploded near seven polling centres in southwestern Gopalganj hours before voting.

February 12, 2026 06:12 UTC





Officials at the Department of Homeland Security, FAA and Department of Transportation did not immediately respond to requests for comment. El Paso is a hub of cross-border commerce alongside Ciudad Juárez. El Paso Mayor Renard Johnson told reporters that he did not hear about the closure until after the alert was issued. María Aracelia was pushing two roller suitcases across the pedestrian bridge from Ciudad Juarez to El Paso on Wednesday morning. Then came a notification that the El Paso airport had reopened.

February 12, 2026 06:09 UTC

'जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना', वैलेंटाइन डे से पहले लग गए पटना में पोस्टरऋषिकेश नारायण सिंह Edited by : | नवभारतटाइम्स.कॉम• 12 Feb 2026, 10:53 am ISTSubscribeValentine Day: बिहार में वैलेंटाइन डे पर पटना की सड़कों पर कुछ पोस्टर अभी से दिखने लगे हैं। इसमें प्रेमी जोड़ों को चेतावनी दी गई है कि अगर वैलेंटाइन डे पर वो सार्वजनिक जगहों पर दिखे तो उनकी पिटाई की जाएगी। RJD ने ऐसे पोस्टरों को बीजेपी से जोड़कर उसकी आलोचना की है।

February 12, 2026 06:04 UTC

WhatsApp on 11 February said the Russian government has tried to “fully block” its services in the country, in order to promote a state-sponsored “super” app called Max, Bloomberg reported. The Meta Platforms-owned messaging app said it is doing everything to keep over 100 million users connected, the report added. What is Russia's “super app” Max? Max hosts government services and enables document storage, banking and other public and commercial programs, the report added. Besides WhatsApp, the services of the Telegram messaging app have also been limited in the northern country.

February 12, 2026 06:04 UTC

Stock market today: The Indian stock market is expected to trade flat to mildly positive on Thursday. “Silver and gold rates today are under pressure due to the better-than-expected US Job data released yesterday. Sumeet Bagadia's stock recommendations today 1] APL Apollo Tubes: Buy at ₹2280, Target ₹2440, Stop Loss ₹2200; and2] Indus Towers: Buy at ₹467, Target ₹501, Stop Loss ₹450. Ganesh Dongre's buy or sell stocks 3] Coal India Limited: Buy at ₹418, Target ₹430, Stop Loss ₹410;4] HDFC Bank: Buy at ₹928, Target ₹955, Stop Loss ₹910; and5] NAUKRI: Buy at ₹1170, Target ₹1820, Stop Loss ₹1150. Shiju Koothupalakkal's intraday stocks for today 6] Maruti Suzuki India Ltd or MSIL: Buy at ₹15412, Target ₹15770, Stop Loss ₹15250;7] Chambal Fertilisers: Buy at ₹465, Target ₹490, Stop Loss ₹455; and8] Narayana Hrudayalaya: Buy at ₹1864, Target ₹1970, Stop Loss ₹1825.

February 12, 2026 06:03 UTC

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। गुरुवार को बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के नतीजे सिर्फ ढाका की सत्ता का फैसला नहीं करेंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र की कूटनीतिक दिशा और रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। नई दिल्ली की नजरें खास तौर पर इन परिणामों पर टिकी हैं, क्योंकि संभावित सत्ता परिवर्तन भारत-बांग्लादेश संबंधों, सीमा सुरक्षा, पूर्वोत्तर की स्थिरता और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर दूरगामी असर डाल सकता है। बीएनपी की संभावित वापसी, चीन और अमेरिका की बढ़ती सक्रियता तथा भारत के आर्थिक और सामरिक हित, इन सबके बीच यह चुनाव दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है। यही वजह है कि जिस बेसब्री से इस चुनाव के परिणाम का इंतजार बांग्लादेश की जनता को है, नई दिल्ली में भी उससे कम नहीं है।कौन-सी पार्टी है सबसे मजबूत? बांग्लादेश में अभी चुनाव का जो माहौल है, उसको लेकर जानकार यह मान रहे हैं कि बीएनपी ही सबसे प्रमुख दल के तौर पर सामने आने वाली है। पूर्व में जब बीएनपी की सरकार रही, तब भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास देखी गई थी। सीमापार उग्रवाद, अवैध घुसपैठ और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दे विवाद का कारण बने थे।लेकिन बीएनपी की नेत्री व पूर्व पीएम खालिदा जिया की मौत के बाद भारत ने इस बात के साफ संकेत दे दिए हैं कि वह मौजूदा माहौल में बांग्लादेश की इस सबसे बड़ी राजनीतिक दल के साथ तालमेल बैठाने को तैयार है।खालिदा जिया के निधन पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का ढाका जाना और भारतीय संसद में उनके प्रति शोक प्रस्ताव व्यक्त करना इसी कूटनीतिक लचीलेपन का संकेत माना जा रहा है। ढाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त लगातार बीएनपी के नेताओं के साथ संपर्क में हैं। दूसरी बड़ी पार्टी इस बार चुनाव में जमाते-इस्लामी है। भारतीय उच्चायोग जमात के नेताओं के साथ भी संपर्क में है।क्या है भारत का रवैया? भारतीय विदेश मंत्रालय का रवैया बांग्लादेश को लेकर अब यह साफ हो चुका है कि चुनाव में चाहे जिसकी भी सरकार आये, वह उसके साथ संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर उसी जज्बे के साथ काम करेगी जैसा पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में किया जा रहा था।बीएनपी और जमात नेताओं के साथ होने वाली मुलाकातों के बारे में विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है अभी तक उक्त दोनों दलों के नेताओं की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं आया है कि वह भारत के साथ संबंधों की अहमियत को कमतर कर रहे हों।देखा जाए तो जिस तरह से बांग्लादेश में चीन, पाकिस्तान और अमेरिका की एक साथ गहरी रुचि जगी है, उसको देखते हुए भारत के पास और दूसरा विकल्प नहीं है। बांग्लादेश व भारत के बीच 4,100 किलोमीटर लंबी सीमा है और पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम की सुरक्षा, व्यापार और सामाजिक स्थिरता सीधे तौर पर बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति से जुड़ी हुई है।शेख हसीना के वक्त रिश्ता रहा मजबूत ऐसे में ढाका में बनने वाली सरकार का रुख भारत के पूर्वोत्तर की सुरक्षा और स्थिरता पर सीधा असर डाल सकता है। शेख हसीना के कार्यकाल में भारत ने बांग्लादेश में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और रेल परियोजनाओं में बड़े निवेश किए। बिजली आपूर्ति, पेट्रोलियम पाइपलाइन, सड़क और जलमार्ग कनेक्टिविटी से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली।भारत यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि इन परियोजनाओं की निरंतरता और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। ये परियोजनाएं भारत के लिए सिर्फ आर्थिक निवेश का सवाल नहीं, बल्कि 'नेबरहुड फ‌र्स्ट' नीति की विश्वसनीयता का भी प्रश्न है। अगर नई सरकार भारत विरोधी रुख अपनाती है या परियोजनाओं की समीक्षा करती है, तो इसका असर न केवल द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ेगा बल्कि क्षेत्रीय संपर्क (कनेक्टिविटी) की व्यापक योजनाओं पर भी होगा।भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में लंबे समय तक सक्रिय रहे उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में बांग्लादेश की पिछली सरकार ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया था।अगर नई सरकार इस सहयोग को कम करती है या सीमा प्रबंधन ढीला पड़ता है, तो इसका असर भारत की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ सकता है। अवैध आव्रजन, तस्करी और कट्टरपंथी नेटवर्क जैसी चुनौतियां फिर उभर सकती हैं। इसके साथ ही ई दिल्ली को उम्मीद है कि चुनी हुई सरकार इस रुझान को संस्थागत रूप नहीं देगी और द्विपक्षीय संबंधों को व्यवहारिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी।बांग्लादेश चुनाव पर अमेरिका की दिलचस्पी भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि ढाका में कोई भी सरकार उग्र राष्ट्रवाद या बाहरी शक्तियों के प्रभाव में आकर संतुलन न खोए। शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद प्रोफेसर मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार के दौरान कुछ हलकों में भारत विरोधी बयानबाजी और भावनाओं का उभार देखा गया है।बांग्लादेश पर वैश्विक शक्तियों की नजर भी इस चुनाव को और महत्वपूर्ण बना रही है। चीन पहले से ही बांग्लादेश में बुनियादी ढांचे और रक्षा सहयोग के जरिए अपनी उपस्थिति मजबूत कर चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि बीजिंग बांग्लादेश को भारत पर परोक्ष दबाव बनाने के रणनीतिक मंच के रूप में देखता है, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में।

February 12, 2026 06:02 UTC

In 2000, they signed the Declaration on Strategic Partnership, and in 2010, they upgraded it to a "Special and Privileged Strategic Partnership”. This long-lasting partnership is the foundation on which modern summit meetings try to build a world order that is more balanced. This makes the strategic task of maintaining the bilateral partnership more of a diplomatic balancing act. Problems and LimitationsAlthough the annual bilateral summit shows the strong partnership between two countries, eventually strengthening the desire for a multipolar world, but it is not without problems. From strategic partnership to special and privileged bond: India-Russia relations at a glance.

February 12, 2026 05:58 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 12, 2026 05:55 UTC

दिलावर ने कहा कि वह पिछले दिनों सीकर दौरे पर गए थे, तो वहां के लोगों ने कहा कि यहां एक मेंटल हॉस्पिटल खुलना चाहिए. लोगों से कारण पूछा तो लोगों ने कहा कि यहां के कुछ जनप्रतिनिधियों को ज्यादा ही मेंटल प्रॉब्लम है." दरअसल, बजट पेश करने के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मेंटल हेल्थ सेंटर का जिक्र किया था. डोटासरा ने कहा कि मेंटल हेल्थ सेंटर कहीं भी खोलो, लेकिन सबसे पहले यह रामगंजमंडी में खोला जाना चाहिए. इसी के जवाब में दिलावर ने डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ का जिक्र किया था.

February 12, 2026 05:53 UTC

I live in the Republic of Santragachi, where even quick commerce arrives late. They took years to land in my hometown in Howrah from Kolkata, which is right across the bridge. It hosts a railway junction and sits close to Kona Expressway — a crucial connector linking Kolkata to districts and national highways. Congestion on Santragachi bridge (Soumyajit Dey)Though it took them over four years, quick-commerce did happen in Santragachi — something this town never anticipated. I live in the Republic of Santragachi, where life is chaotic, roads congested, and air polluted.

February 12, 2026 05:35 UTC

Bengal Chief Minister Mamata Banerjee on Thursday morning expressed shock and anger at what she called the murder in Maharashtra’s Pune of a man from Bengal’s Purulia district. Sukhen Mahato, 24, a resident of Tumrasol village in the Barabazar area of Purulia, was working as a labourer in Pune. After Mamata's claim, Pune rural police said he was killed by two persons with whom he entered into an argument in a drunken state. But instead of going to work, he started roaming in Koregaon in a drunken state," said inspector Dipratan Gaikwad of Shikrapur police station. It is learnt that in the drunken state, he picked up a spat with two persons, he said.

February 12, 2026 05:34 UTC