लेखक के बारे में संगीता तोमर संगीता तोमर, नवभारतटाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह 15 साल का अनुभव रखती हैं। वे NBT (Digital) की एंटरटेनमेंट टीम के साथ हैं। उनकी विशेष रुचि सिनेमा और सितारों की दुनिया की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS ख़बरों, गॉसिप, बॉक्स ऑफिस, सेलेब इंटरव्यूज में है। संगीता, टीवी और वेब सीरीज की ख़बरों में भी खास दिलचस्पी रखती हैं। अपने करियर में उन्होंने मनोरंजन के अलावा समसामयिक खबरों के लिए भी डेस्क और ऑन ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। वह टीवी के लिए कई स्पेशल प्रोग्राम प्रोड्यूस कर चुकी हैं। उनके पास गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री है।... और पढ़ें

February 11, 2026 17:20 UTC

Hindi NewsNationalDainik Bhaskar Partners Google For Tier 2 3 Cities | Language Journalismदैनिक भास्कर ने गूगल से पार्टनरशिप की: लैंग्वेज जर्नलिज्म में इनोवेशन के लिए काम करेंगे, टियर 2-3 शहरों पर फोकसनई दिल्ली 10 घंटे पहलेकॉपी लिंकदैनिक भास्कर ने गूगल के साथ नई रणनीतिक साझेदारी की है। पिछले तीन साल में दैनिक भास्कर देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला न्यूज एप बना है। एप को एक्टिव यूजर और एंगेजमेंट के मामले में भी देश में नंबर-1 रैंक मिली है।यह सफलता गूगल के साथ मिलकर किए गए नए प्रयोगों, बेहतर यूजर एक्सपीरियंस और नए रेवेन्यू मॉडल की वजह से मिली है। खासकर इसका फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के तेजी से बदलते ‘भारत’ बाजार पर रहा है।दैनिक भास्कर की पहली प्राथमिकता कंटेंट और पत्रकारिता है। कंपनी का मकसद वफादार यूजर बेस बनाना और लंबे समय के लिए सब्सक्राइबर तैयार करना है। साथ ही, एंगेजमेंट से समझौता किए बिना विज्ञापन से कमाई बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।वीडियो न्यूजरूम को नई ताकत मिलीइस साझेदारी का बड़ा हिस्सा वीडियो को मजबूत करने पर रहा। टियर-2 और टियर-3 शहरों में लोग तेजी से वीडियो देख रहे हैं। इसे देखते हुए दैनिक भास्कर ने अपने पुराने टेक्स्ट-केंद्रित न्यूजरूम को ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया, जहां वीडियो को भी बराबर महत्व मिले।दैनिक भास्कर डिजिटल के CEO पथिक शाह ने कहा, “गूगल न्यूज इनिशिएटिव के साथ साझेदारी से हमें वीडियो न्यूज पर तेजी से काम करने में मदद मिली। हमने अपने अंदरूनी टूल्स को अपग्रेड किया। अब रियल टाइम, लोकल और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर आधारित वीडियो बनाना और मैनेज करना हमारी टेक्स्ट पत्रकारिता जितना ही मजबूत हो गया है। इससे रिपोर्टिंग और वीडियो टीम के बीच बेहतर तालमेल बना है और वीडियो देखने का समय बढ़ाने में मदद मिलेगी।”इस पहल के तहत वीडियो और ग्राफिक्स के लिए खास डिजिटल एसेट मैनेजमेंट (DAM) सिस्टम तैयार किया गया। इसकी मदद से अलग-अलग शहरों में मौजूद रिपोर्टर और वीडियो एडिटर एक साथ रियल टाइम में काम कर रहे हैं। इससे तेजी से और अच्छी क्वालिटी के वीडियो तैयार हो रहे हैं।वीडियो कंजम्प्शन 33.3% बढ़ागूगल के सहयोग से एप का वीडियो अनुभव भी बेहतर किया गया। अब वीडियो प्लेयर ऐसे बनाया गया है, जो कम डेटा और कम क्षमता वाले मोबाइल पर भी आसानी से चले। अलग-अलग फॉर्मेट और बेहतर एडिटोरियल कंट्रोल भी जोड़े गए हैं।इन बदलावों का असर साफ दिखा। वीडियो प्रोड्यूसर और एडिटर के बीच संतुष्टि स्तर 4 गुना बढ़ा। रिपोर्टरों में यह 10 गुना बढ़ा। वीडियो DAM सिस्टम को 86% लोगों ने अपनाया। यूजर एंगेजमेंट भी बढ़ा है। एप में वीडियो देखने का समय 18.2% बढ़ा और DAM लॉन्च के बाद 4.8% और बढ़ा। वीडियो कंजम्प्शन 33.3% बढ़ा।हाइपरलोकल पत्रकारिता पर फोकसइस साझेदारी का दूसरा बड़ा हिस्सा स्थानीय खबरों को मजबूत करना रहा। खासकर छोटे शहरों और कस्बों में भरोसेमंद और अच्छी क्वालिटी की खबरें पहुंचाने पर ध्यान दिया गया।दैनिक भास्कर समूह के निदेशक गिरीश अग्रवाल ने कहा, “दैनिक भास्कर और गूगल के साथ मिलकर हमने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े हिंदी भाषी राज्य में हाइपरलोकल न्यूज को मजबूत किया है। हमारा मकसद उन इलाकों तक सही और भरोसेमंद खबर पहुंचाना था, जहां अच्छी खबरों की कमी है।”उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 200 से ज्यादा स्ट्रिंगर और पत्रकारों को ट्रेनिंग दी गई। 1 लाख से ज्यादा हाइपरलोकल खबरों की जांच (ऑडिट) की गई, ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे। यह पहल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इसका मकसद लोगों को सही और भरोसेमंद जानकारी देकर उन्हें जागरूक और मजबूत बनाना है।इंटरैक्टिव कंटेंट से बढ़ी एंगेजमेंटदैनिक भास्कर ने यूजर को जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव कंटेंट पर भी काम किया। यानी ऐसी खबरें और फॉर्मेट, जिनमें यूजर सिर्फ पढ़े नहीं, बल्कि उसमें हिस्सा भी ले सके।CEO पथिक शाह ने कहा, “गूगल न्यूज इनिशिएटिव के साथ साझेदारी से हमें पारंपरिक आर्टिकल और वीडियो से आगे बढ़कर इंटरैक्टिव फॉर्मेट पर तेजी से काम करने का मौका मिला। इससे यूजर का अनुभव बेहतर हुआ और एंगेजमेंट में साफ बढ़ोतरी देखी गई।”बड़े न्यूज इवेंट्स के दौरान किए गए इन प्रयोगों में 9% लोगों ने इंटरैक्टिव कंटेंट अपनाया। इस कंटेंट पर औसतन 4.7 मिनट तक यूजर जुड़े रहे। इससे डायरेक्ट एप यूजर बेस और यूजर लॉयल्टी दोनों में बढ़ोतरी हुई।रेवेन्यू मॉडल पर संतुलित रणनीतिइस साझेदारी का एक अहम हिस्सा विज्ञापन से कमाई को सही तरीके से बढ़ाना भी रहा। कोशिश यह रही कि कमाई बढ़े, लेकिन यूजर का अनुभव खराब न हो।CEO पथिक शाह ने कहा, “गूगल न्यूज इनिशिएटिव के साथ साझेदारी से हमें एप में विज्ञापन के शुरुआती मॉडल पर तेजी से काम करने का मौका मिला। इससे हम यूजर एक्सपीरियंस से समझौता किए बिना कमाई का एक नया और टिकाऊ तरीका बना पा रहे हैं। आगे चलकर यही मॉडल लॉयल यूजर और सब्सक्राइबर बढ़ाने में मदद करेगा।”ऑडियो पत्रकारिता पर भी प्रयोगदैनिक भास्कर अब ऑडियो पत्रकारिता पर भी काम कर रहा है। कंपनी का मानना है कि ‘भारत’ यानी छोटे शहरों और कस्बों के यूजर के लिए ऑडियो एक अहम माध्यम है।गूगल के साथ मिलकर इस दिशा में शुरुआती प्रयोग किए जा रहे हैं, ताकि अच्छी क्वालिटी का ऑडियो कंटेंट तैयार किया जा सके और यूजर को बेहतर अनुभव मिले।गूगल इंडिया में न्यूज पार्टनरशिप्स की हेड दुर्गा रघुनाथ ने कहा, “दैनिक भास्कर के साथ साझेदारी पर हमें गर्व है। उनका इनोवेशन, यूजर को प्राथमिकता देना और जिम्मेदारी से आगे बढ़ना डिजिटल न्यूज के भविष्य को दिखाता है। हम आगे भी उनके साथ काम करते रहेंगे।”दैनिक भास्कर और गूगल की यह साझेदारी डिजिटल पत्रकारिता में बदलाव की मिसाल मानी जा रही है। कंपनी का कहना है कि अच्छी क्वालिटी के कंटेंट, यूजर-केंद्रित सोच, नए स्टोरी फॉर्मेट और जिम्मेदार कमाई मॉडल के जरिए वह डिजिटल न्यूज में अपनी मजबूत पकड़ आगे भी बनाए रखेगी।.

February 11, 2026 17:12 UTC

Police in France say the crimes took place from 1967 up until 2022. Police in France say the crimes took place from 1967 up until 2022. As per the prosecutor, Leveugle has also allegedly admitted to killing his mother and an aunt by suffocating them with pillows. The alleged murders reportedly took place in 1974 and 1992. In another high-profile case of mass sexual assault in France, a former doctor kept detailed computer records of the hundreds of children he had molested.

February 11, 2026 17:07 UTC

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन आज पहाड़ों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा या 3,000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। इससे ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है।वहीं, राज्य के शेष जनपदों में मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं। मैदानी जिलों हरिद्वार एवं ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं घने कोहरे की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।नोट- इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

February 11, 2026 17:07 UTC

The Hotel Association of India (HAI) today came out with a statement on the recent new articles on hotel pricing in Delhi during the AI Impact Summit reaching Rs 1,00,000 and beyond. In a meeting that HAI held with the minister for tourism and culture, Gajendra Singh Shekhawat, the association attempted to ascertain the realistic picture of the prevailing market situation, including references to high room rates of standard room rates quoted in lakhs. A quick check with some of their member hotels revealed that the weighted average room rates are ranging between Rs 40000 and Rs 60000 per night during the summit, HAI said in a release. All about ETHospitalityWorld industry right on your smartphone! Download the ETHospitalityWorld App and get the Realtime updates and Save your favourite articles.

February 11, 2026 17:04 UTC





Hindi NewsInternationalUS Removes India Map Post Showing PoK, Aksai Chin; Trade Dealअमेरिका ने इंडियन मैप वाला पोस्ट हटाया: PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया था; पाकिस्तान-चीन से तनाव की अटकलें लगी थींवॉशिंगटन डीसी 13 घंटे पहलेकॉपी लिंकअमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इंडियन मैप वाली पोस्ट हटा दी है।अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) को भारत का हिस्सा दिखाने वाला पोस्ट डिलीट कर दिया है।यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने 7 फरवरी को भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट के बाद किए गए पोस्ट में इंडियन मैप शेयर किया था। जारी होने के बाद यह नक्शा चर्चा में आ गया था।अब तक अमेरिकी एजेंसियां इंडियन मैप में PoK और अक्साई चिन को विवादित इलाके के तौर पर अलग रंग या 'डॉटेड लाइन्स' से दिखाती थी। हालांकि, इस पोस्ट में ऐसा कोई निशान या लाइन नहीं थी, बल्कि पूरे क्षेत्र को भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया था।इस बदलाव के बाद कई एक्सपर्ट का कहना था कि पाकिस्तान और चीन के साथ अमेरिका के रिश्तों में तनाव के बीच यह कदम भारत के समर्थन का संकेत हो सकता है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे गलती से जारी हुआ बताया। इन तमाम अटकलों के बीच अब USTR ने यह पोस्ट हटा दिया है। हालांकि, इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।अमेरिका ने यह इंडियन मैप शेयर किया था…अमेरिकी ट्रेड ऑफिस ने यह इंडियन मैप अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ पोस्ट किया था, जिसे अब हटा दिया गया है।PoK को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादभारत और पाकिस्तान के बीच PoK विवाद जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़ा सबसे पुराना विवाद है। यह 1947 से चला आ रहा है और दोनों देशों के बीच युद्ध, तनाव और कूटनीतिक लड़ाई का कारण बना हुआ है।विवाद की शुरुआत1947: भारत-पाकिस्तान विभाजन- भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत (प्रिंसली स्टेट) थी, जिसके महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, लेकिन आबादी में मुस्लिम बहुमत में थे। विभाजन के नियम के अनुसार, रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती थीं या स्वतंत्र रह सकती थीं।भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत (प्रिंसली स्टेट) थी, जिसके महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, लेकिन आबादी में मुस्लिम बहुमत में थे। विभाजन के नियम के अनुसार, रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती थीं या स्वतंत्र रह सकती थीं। 1947-48: पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध- पाकिस्तान से आए मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया। महाराजा हरि सिंह ने मदद के लिए भारत से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सैन्य मदद भेजी।युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने क्षेत्र के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे अब PoK कहा जाता है। 1949 में UN की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन (बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल - LoC) बनाई गई, जो दोनों देशों के नियंत्रण को अलग करती है।पाकिस्तान से आए मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया। महाराजा हरि सिंह ने मदद के लिए भारत से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सैन्य मदद भेजी।युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने क्षेत्र के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे अब PoK कहा जाता है। 1949 में UN की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन (बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल - LoC) बनाई गई, जो दोनों देशों के नियंत्रण को अलग करती है। भारत का दावा- भारत कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने भारत में विलय किया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। भारत PoK को अवैध कब्जा मानता है और इसे वापस लेने की बात करता है।भारत कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने भारत में विलय किया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। भारत PoK को अवैध कब्जा मानता है और इसे वापस लेने की बात करता है। पाकिस्तान का दावा- पाकिस्तान कहता है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, इसलिए वह पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। पाकिस्तान PoK को आजाद कश्मीर कहता है और वहां अपनी तरह की सरकार चलाता है। पाकिस्तान UN के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है, जिसमें कश्मीरियों को जनमत संग्रह का अधिकार देने की बात थी।पाकिस्तानी PM बोले थे- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगाअमेरिका के मैप शेयर करने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 5 फरवरी को बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू-कश्मीर विवाद का हल कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। शहबाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों को लागू करने से ही हो सकता है।उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तानी लोगों और पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से कश्मीर के अपने भाइयों के साथ एकजुटता दिखाने आया हूं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने इस क्षेत्र को पाकिस्तान की लाइफ लाइन बताया था।शहबाज बोले- कश्मीर का मुद्दा हमारी फॉरेन पॉलिसी की नींव हैशहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी का आधार है। शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद कश्मीर मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पू

February 11, 2026 16:38 UTC

लेखक के बारे में राहुल पराशर राहुल पराशर, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर जर्नलिस्ट हैं। वे राजनीति, करेंट अफेयर्स, डेवलपमेंट, ब्यूरोक्रेसी, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्राउंड रिपोर्टिंग का 20 साल का अनुभव रखते हैं। करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने प्रशासन, सिविक इश्यू को कवर किया। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पत्रकारिता के गुर भी सीखे। बिहार विधानसभा चुनाव 2005 से लेकर लोकसभा चुनाव 2024 तक 10 चुनावों में रिपोर्टिंग की है। इसमें बिहार विधानसभा चुनाव फरवरी 2005, अक्टूबर-नवंबर 2005, लोकसभा चुनाव 2009, बिहार विधानसभा चुनाव 2010, लोकसभा चुनाव 2014, बिहार विधानसभा चुनाव 2015, लोकसभा चुनाव 2019, बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में ग्राउंड रिपोर्टिंग शामिल है। इसके अलावा यूपी चुनाव 2022 और लोकसभा चुनाव 2024 का का विश्लेण किया। इस दौरान बिहार, झारखंड और यूपी के निकाय चुनावों को कवर किया। पिछले करीब चार साल से NBT (Digital) में यूपी डेस्क काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय विद्या भवन, मुंबई से जुड़े पीकेआईएमएस से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

February 11, 2026 16:20 UTC

The Tourism and Hospitality Skill Council (THSC) announced that it has been selected as a 2026 Hilton Global Foundation (HGF) grantee, receiving grant support to strengthen hospitality workforce development and employment pathways for young people across India. The Hilton Global Foundation awards annual grants to nonprofit organisations that strengthen travel destinations, expand economic opportunity, and advance Hilton’s Travel with Purpose strategy through initiatives focused on workforce development, destination sustainability , and community resilience. THSC was selected for its demonstrated impact in delivering industry-aligned skills training and certification for India’s tourism and hospitality sector. With support from the Hilton Global Foundation, THSC will train more than 1,000 young people through certified hospitality programs and provide structured job placement assistance, enabling graduates to secure stable employment and build long-term careers in the hospitality industry. Download the ETHospitalityWorld App and get the Realtime updates and Save your favourite articles.

February 11, 2026 16:13 UTC

The visit of the senior Chinese official to India from Feb 8 to 10 was for the BRICS Sherpa Meeting. The UNSC comprises five permanent members and 10 non-permanent members, elected for two-year terms by the UN General Assembly. The five permanent members — China, France, Russia, the United Kingdom, and the United States — also have veto power over any decision of the UNSC other than on “procedural” matters. “There is a feeling across the world that this (five permanent countries) should change, and India should get a permanent seat. Both sides expressed the belief that China and India are partners rather than competitors and should see each other as opportunities, not threats.

February 11, 2026 16:11 UTC

Allegations on former Prince Andrew2The Thames Valley Police have been probing alleged links of Prince Andrew with the late American financier and convicted pedophile and claims that he, when Mountbatten-Windsor (Prince Andrew) was the then British trade envoy, sent trafficking report to Epstein in 2010. According to the BBC, emails released by the US department reportedly show that Andrew sent reports to Epstein, including one dated November 2010 sent by his then Indian-origin special assistant Amit Patel, related to official trade visits. According to Republic’s allegations, Mountbatten-Windsor was involved in public office and violating laws on the retention of official secrets, charges that carry a possible life prison sentence in Britain.

February 11, 2026 16:04 UTC

लेखक के बारे में पूनम पाण्डे पूनम पाण्डे नवभारत टाइम्स के नेशनल ब्यूरो में डिप्टी ब्यूरो चीफ हैं। बीजेपी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राष्ट्रीय राजनीति के साथ ही इंडियन आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और रक्षा मामले कवर करती हैं। साल 2014 से देश की संसद भी कवर कर रही हैं। नवभारत टाइम्स से पहले सीएनबीसी आवाज और आजतक न्यूज चैनल में काम कर चुकी हैं। कुमांऊ यूनिवर्सिटी, नैनीताल से ऑर्गेनिक केमेस्ट्री में M.Sc करने के बाद IIMC (New Delhi Campus) से रेडियो-टीवी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में एमए किया। चेवनिंग फेलो (Chevening Fellow) हैं, जो यूके (United Kingdom) के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डिवेलपमेंट ऑफिस (FCDO) की फेलोशिप है।... और पढ़ें

February 11, 2026 16:03 UTC

लेखक के बारे में भव्य भारद्वाज भव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वि‍यरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्‍होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।... और पढ़ें

February 11, 2026 16:01 UTC

Subscribe to Newsletter to get latest insights & analysis in your inbox. Download the ETEnergyworld App and get the Realtime updates and Save your favourite articles. Russia plans to seek clarification from the United States about new US restrictions on Venezuela's oil business, the Kremlin said on Wednesday.The US Treasury Department on Tuesday issued a general license to facilitate the exploration and production of oil and gas in Venezuela. The license ‌did not ⁠authorise transactions ⁠involving Russian and Chinese nationals or entities.Kremlin spokesman Dmitry Peskov told reporters that Russia would clarify the situation with Washington through available channels of communication. "We do indeed have investments in Venezuela, we have long-term projects, and there is interest both from our Venezuelan partners and from us.

February 11, 2026 16:00 UTC

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

February 11, 2026 15:57 UTC

Confirming this to The Indian Express, Assam BJP president Dilip Saikia called the post by the co-convener an “immature” and “unauthorised” action. The social media team also comprises 20 members at the state level, a convener, two co-conveners and five members in every district. Khound said the content is created and posted on social media by a team of party workers who work as volunteers. On the ideation process and decision-making on the posts that go up on social media, he said, “That is not a fixed responsibility. This is not the first time that the BJP Assam X has been in the line of fire.

February 11, 2026 15:57 UTC