water crisis: योगी की दी मियाद खत्‍म, पानी को तरस रही मोदी की काशी - pm modi's varanasi facing acute water crisis - News Summed Up

water crisis: योगी की दी मियाद खत्‍म, पानी को तरस रही मोदी की काशी - pm modi's varanasi facing acute water crisis


फाइल फोटोहाइलाइट्स पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में खत्म नहीं हो रही पेयजल आपूर्ति की समस्याजल निगम के अभियंताओं को सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई मियाद हुई खत्मजेएनएनयूआरएम के तहत 2010 में 338 करोड़ की योजना पर शुरू हुआ था काम2015 तक पूरा हो जाना था योजना का काम, अबतक पेयजल संकट से जूझ रहे लोगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की पेयजल व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त करने को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की तरफ से जल निगम के अभियंताओं को दी गई मियाद रविवार को खत्‍म हो गई। काम जहां का तहां है। 600 करोड़ से बिछाई गई पाइप लाइनों से न तो जलापूर्ति शुरू हो सकी और न ही 35 ओवरहेड टैंक ही चालू हो पाए। अब देखना है कि मुख्‍यमंत्री के निर्देश के मुताबिक लापरवाह अभियंताओं पर मुकदमा कब दर्ज किया जाता है।वाराणसी में हर घर के नल तक पानी पहुंचाने के लिए 2010 में जवाहर लाल नेहरू राष्‍ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत 338 करोड़ की योजना पर काम शुरू हुआ था। इस परियोजना को 2015 में पूरा हो जाना था। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत जेएनएनयूआरएम परियोजना में छूट गए शहर के बाहरी इलाकों में भी पेयजल उपलब्‍ध कराने के लिए और 250 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इतनी बड़ी धनराशि से शहर में 686 किलोमीटर पाइप लाइनों का जाल बिछाने के साथ 35 ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया, लेकिन नौ साल बीतने के बाद भी लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।मॉनसून सत्र से पहले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने 22 जून को मंडलीय समीक्षा का दौर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से शुरू किया तो निशाने पर जल निगम के अभियंता रहे। योगी आदित्‍यनाथ ने सभी ओवरहेड टैंक से पेयजल की सप्‍लाइ शुरू करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा दी थी। साफ कर दिया था कि इस समय तक काम पूरा न होने पर वर्ष 2010 से अब तक के सभी अभियंताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। चेतावनी का असर कई इलाकों में सड़कों पर खुदाई कर पाइप लाइन की लीकेज ठीक करने के रूप में दिखा जरूर पर मियाद खत्‍म होने के दिन तक 25 स्‍थानों पर लीकेज की मरम्‍मत करना बाकी है। जिन स्‍थानों पर दो दिन पहले लीकेज ठीक कराया गया, वहां फिर लीकेज हो गया।मुख्‍यमंत्री की हिदायत को देखते हुए वाराणसी मंडल के कमिश्‍नर दीपक अग्रवाल व जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह प्रॉजेक्‍ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अफसरों को जल निगम की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि जल निगम के एसई आर.पी.पांडेय का कहना है कि पांज जगहों पर लीकेज ठीक कराए जाने से तीन ओवरहेड टैंक से आपूर्ति की बाधा खत्‍म हो गई है। बाकी लीकेज भी दिन-रात काम करा ठीक कराए जा रहे हैं। इस मामले में राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा, 'मुख्‍यमंत्री द्वारा तय की समय सीमा में कितना काम पूरा हुआ, इसकी जानकारी जलनिगम से मांगी गई है। काम पूरा नहीं हुआ तो अफसरों पर सख्‍त कार्रवाई तय है।'


Source: Navbharat Times June 30, 2019 12:54 UTC



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